मस्कट में जयशंकर-अलबुसैदी की मुलाकात, व्यापार से लेकर रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर बनी सहमति

मस्कट में जयशंकर-अलबुसैदी की मुलाकात, व्यापार से लेकर रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर बनी सहमति

मस्कट, 10 जुलाई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने शुक्रवार को मस्कट में अपने ओमानी समकक्ष सैयद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और ओमान के बीच रिश्तों और खाड़ी क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, बैठक में जयशंकर ने हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों के दौरान भारतीय समुद्री कर्मचारियों (सीफेयरर्स) को तुरंत मदद पहुंचाने के लिए ओमान सरकार का धन्यवाद किया। दोनों नेताओं ने आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आज मस्कट में ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी से मिलकर खुशी हुई। हमने दोनों देशों के बीच सहयोग के कई पहलुओं पर चर्चा की। बातचीत में व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, समुद्री क्षेत्र, तकनीक, रक्षा, साइबर और एआई जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया। खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रमों और शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। हमारी बातचीत ने भारत-ओमान रणनीतिक साझेदारी में भरोसे और मजबूती को दिखाया।"

ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी ने कहा कि भारत और ओमान के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री संबंधों ने दोनों देशों के लोगों को जोड़ा है और यह दोस्ती की मजबूत नींव है।

उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का मस्कट में स्वागत करके खुशी हुई। हॉर्मुज स्‍ट्रेट में समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कूटनीतिक प्रयासों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। हम भारत के समर्थन के लिए आभारी हैं। ओमान-भारत के बीच सदियों पुराने समुद्री संबंधों ने दोनों देशों के लोगों को जोड़ा है और आज भी हमारी साझेदारी को मजबूत आधार देते हैं।"

इससे पहले दिन में जयशंकर ने ओमान में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की और भारत-ओमान संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की।

उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "शुक्रवार सुबह ओमान में भारतीय समुदाय के लोगों से अच्छी बातचीत हुई। भारत और ओमान संबंधों को मजबूत करने में उनकी रुचि और उत्साह साफ दिखाई दिया। उन्होंने समाज और भारत-ओमान साझेदारी के लिए जो योगदान दिया है, उसकी सराहना की।"

गुरुवार को जयशंकर कुवैत की यात्रा पूरी करने के बाद ओमान पहुंचे थे। ओमान उनकी छह देशों की यात्रा का चौथा पड़ाव है। इसके बाद वह न्यूयॉर्क और ब्रसेल्स जाएंगे।

--आईएएनएस

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