वाशिंगटन, 17 जून (आईएएनएस)। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एडवोकेसी समूह हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (एचएएफ) ने कैलिफोर्निया में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती नफरत पर चिंता जताई है। एचएएफ ने स्टेट ऑफ हेट कमीशन से राज्य में बढ़ते एंटी-हिंदू गतिविधियों पर ध्यान देने और इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
एचएएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया। उन्होंने कहा, "जब कैलिफोर्निया के नेता नफरत से निपटने पर चर्चा कर रहे हैं, तो यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हिंदू अमेरिकी समुदाय को राज्यव्यापी एंटी-हेट प्रयासों में नजरअंदाज न किया जाए। हमें जेवियर बेकेरा और स्टिव हिल्टन से कहना चाहेंगे कि धार्मिक स्वतंत्रता का मतलब किसी एक समुदाय विशेष से नहीं होता बल्कि इसमें हिंदू भी शामिल होते हैं।"
संगठन ने 9 जून को अपनी आधिकारिक टिप्पणी में कहा कि हाल के वर्षों में हिंदू समुदाय के खिलाफ भेदभाव, तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि हुई है।
एचएएफ के अनुसार, "राज्य के सिविल राइट्स विभाग के डेटा में भी यह सामने आया है कि धार्मिक रूप से प्रेरित नफरत की घटनाओं में एंटी-हिंदू मामले लगभग 23 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर हैं।"
संगठन ने कहा, "ये केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि धार्मिक स्थलों पर हमले, तोड़फोड़ और समुदायों को निशाना बनाने की वास्तविक घटनाएं हैं।"
एचएएफ ने यह भी आरोप लगाया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी हिंदू और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां और भड़काऊ अभियान तेजी से बढ़ रहे हैं।
संगठन के अनुसार, "ऑनलाइन फैलाई जा रही गलत जानकारी और राजनीतिक बयानबाजी के कारण एंटी-इंडियन और एंटी-हिंदू नफरत को बढ़ावा मिल रहा है।"
एचएएफ ने आयोग और सिविल राइट्स विभाग से इस स्थिति को गंभीरता से लेने, इसकी सार्वजनिक रूप से निंदा करने और हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
एचएएफ के प्रबंध निदेशक समीर कालरा ने कहा, "हिंदू अमेरिकी समुदाय कैलिफोर्निया की सामाजिक संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और धार्मिक स्वतंत्रता तथा बिना डर के पूजा करने का अधिकार हर नागरिक का मूल अधिकार है। हम आयोग से अपील करेंगे कि खतरनाक स्तर से लगातार बढ़ रही ऐसी वारदातों पर गंभीरता से ध्यान दें और लोगों को इस एंटी-हिंदू अति से बचाने में अहम भूमिका निभाएं।"