कांगो में इबोला से बढ़ा संकट, अब तक 1,405 लोगों की मौत; वैक्सीन परीक्षण शुरू

कांगो में इबोला से बढ़ा संकट, अब तक 1,405 लोगों की मौत; वैक्सीन परीक्षण शुरू

किंशासा, 27 जुलाई (आईएएनएस)। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला के पुष्टि किए गए मामलों की संख्या बढ़कर 3,200 हो गई है, जबकि इस बीमारी से अब तक 1,405 लोगों की मौत हो चुकी है। यह जानकारी देश के स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से रविवार देर रात जारी की गई ताजा स्थिति रिपोर्ट में दी गई।

शनिवार तक के आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट के मुताबिक, देश में इबोला के 3,200 पुष्टि किए गए मामले सामने आए हैं। इनमें 1,405 लोगों की मौत हो चुकी है और 571 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं। फिलहाल 773 मरीज आइसोलेशन में हैं। पिछले 24 घंटों में 125 नए मामले और 51 मौतें दर्ज की गईं।

स‍िन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इतुरी प्रांत अभी भी इस प्रकोप का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहां कुल पुष्टि किए गए मामलों में से 89 प्रतिशत मामले सामने आए हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि लोगों का लगातार एक जगह से दूसरी जगह जाना, सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं, छोटे स्तर पर होने वाली खनन गतिविधियां और युगांडा तथा दक्षिण सूडान के साथ होने वाली सीमा पार आवाजाही, इस बीमारी के फैलने की बड़ी वजहें हैं। अधिकारियों ने कहा कि वे निगरानी और तेज करेंगे, राहत और बचाव के प्रयासों को बढ़ाएंगे और वायरस को आगे फैलने से रोकने के लिए लगातार काम करेंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल संक्रमण लगातार फैल रहा है और वायरस का असर अभी भी काफी ज्‍यादा बना हुआ है।

इलाज की व्यवस्था पर भी दबाव बना हुआ है। नॉर्थ किवू प्रांत में आइसोलेशन वार्ड की क्षमता 141 बिस्तरों की है, लेकिन वहां 171 मरीज भर्ती हैं। यानी वहां बिस्तरों का उपयोग 121.3 प्रतिशत तक पहुंच गया है। पूरे देश में औसतन बिस्तरों की उपलब्धता का उपयोग 82.1 प्रतिशत है।

15 मई को घोषित यह इबोला प्रकोप बंडीबुग्यो वायरस की वजह से फैला है। यह पूर्वोत्तर के इटुरी प्रांत से शुरू होकर अब पांच प्रांतों तक फैल चुका है।

डीआरसी की प्रधानमंत्री जूडिथ सुमिनवा तुलुका ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि यह प्रकोप देश के पूर्वी हिस्से में पहले से चल रहे मानवीय संकट को और गंभीर बना सकता है।

शुक्रवार को इतुरी प्रांत की राजधानी और इस प्रकोप के सबसे बड़े केंद्र बुनिया में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने इबोला से निपटने के लिए पांच करोड़ अमेरिकी डॉलर जारी किए हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की ओर से भी धन जुटाया गया है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि वैज्ञानिक बंडीबुग्यो इबोलावायरस के खिलाफ इलाज और वैक्सीन विकसित करने पर काम कर रहे हैं। यही वायरस इस समय डीआरसी में फैल रहे इबोला प्रकोप के लिए ज‍िम्मेदार है।

फिलहाल बंडीबुग्यो इबोलावायरस के लिए कोई मंजूरशुदा वैक्सीन या विशेष रूप से स्वीकृत इलाज उपलब्ध नहीं है। हालांकि, कई प्रयोगात्मक वैक्सीन और दवाओं का क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को बताया कि बंडीबुग्यो इबोलावायरस से बचाव के लिए तैयार की गई 'चाडऑक्स1 बीडीबीवी' नाम की वैक्सीन के दुनिया के पहले मानव परीक्षण में पहले स्वयंसेवक को टीका लगाया गया है।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी