जर्मनी में दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी की राष्ट्रीय बैठक के खिलाफ प्रदर्शन

जर्मनी में दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी की राष्ट्रीय बैठक के खिलाफ प्रदर्शन

बर्लिन, 4 जुलाई (आईएएनएस)। जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) की राष्ट्रीय बैठक के दौरान हजारों प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश की। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई, जिसमें दंगा-रोधी बलों को तैनात किया गया।

रॉयटर्स के अनुसार, यह बैठक पूर्वी जर्मनी के शहर एरफुर्ट में आयोजित की जा रही है, जहां पार्टी अपने नेतृत्व के चुनाव के लिए एकत्र हुई है।

सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों और हाईवे को अवरुद्ध कर दिया, जिससे सम्मेलन स्थल तक पहुंच बाधित हो गई। पूर्वी जर्मनी के शहर एरफुर्ट में आयोजित इस बैठक के खिलाफ लगभग 15,000 प्रदर्शनकारियों के जुटने का अनुमान पुलिस ने लगाया है। दंगा-रोधी गियर में तैनात पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

प्रदर्शनकारियों ने सम्मेलन केंद्र तक जाने वाले मार्गों को ब्लॉक कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हुई।

इस दौरान वाइडरजेटजेन के प्रवक्ता जॉर्ग बेकर ने कहा, “हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे, और हम मानते हैं कि जर्मनी में फासीवाद फिर से बढ़ रहा है।”

जर्मनी में राजनीतिक दल हर दो साल में नेतृत्व चुनाव करते हैं। एएफडी का उद्देश्य मौजूदा सह-अध्यक्ष ऐलिस वाइडेल और टीनो क्रुपाला के कार्यकाल को आगे बढ़ाते हुए पार्टी में एकता का प्रदर्शन करना है।

इस सम्मेलन को और विवादास्पद इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि यह उस ऐतिहासिक स्थल के पास हो रहा है, जहां लगभग 100 वर्ष पहले नाजी पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसने एडोल्फ हिटलर के सत्ता सुदृढ़ीकरण में भूमिका निभाई थी। इतिहासकारों और राजनीतिक विरोधियों का कहना है कि इस समय-चयन का प्रतीकात्मक महत्व है, हालांकि एएफडी ने इस आरोप को खारिज किया है।

ऐलिस वाइडेल ने हाल ही में कहा था कि “2026 एएफडी के लिए निर्णायक वर्ष होगा।” मुख्यधारा की पार्टियां एएफडी के साथ काम करने से इनकार करती हैं, जिसे “फायरवॉल” नीति कहा जाता है।

इसके बावजूद एएफडी मौजूदा सरकार की आर्थिक नीतियों से असंतोष और धीमी अर्थव्यवस्था को लेकर जनता की नाराज़गी का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। पार्टी का ध्यान अब केवल आव्रजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर भी केंद्रित हो गया है।

एएफडी का लक्ष्य 6 सितंबर को सैक्सनी-अनहाल्ट क्षेत्रीय चुनाव में 40 फीसदी या उससे अधिक वोट हासिल करना है, जिससे वह पूर्ण बहुमत या अन्य दलों के बागियों को जोड़कर पहली बार राज्य सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच सकती है।

--आईएएनएस

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