डीआर कांगो में उत्कृष्ट सेवा के लिए भारतीय सेना के 651 शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित

डीआर कांगो में उत्कृष्ट सेवा के लिए भारतीय सेना के 651 शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित

 

नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के वैश्विक शांति अभियानों में योगदान को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (डीआर कांगो) में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत तैनात भारतीय सेना के 651 शांति सैनिकों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए संयुक्त राष्ट्र पदक (यूएन मेडल) से सम्मानित किया गया।

भारतीय सेना ने शनिवार को बताया कि यह सम्मान 3 जुलाई को डीआर कांगो के साके स्थित परमानेंट ऑपरेटिंग बेस में आयोजित एक भव्य पदक परेड समारोह के दौरान प्रदान किया गया।

समारोह में लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में संयुक्त राष्ट्र स्थिरीकरण मिशन (मोनुस्को) के वरिष्ठ अधिकारी, फोर्स मुख्यालय के प्रतिनिधि, सैन्य कमांडर और अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

इस अवसर पर भारतीय शांति सैनिकों की पेशेवर दक्षता, परिचालन उत्कृष्टता और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत उनकी समर्पित सेवाओं की सराहना की गई।

भारतीय सेना के अनुसार, भारतीय शांति सैनिक संयुक्त राष्ट्र के सबसे चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील मिशन क्षेत्रों में से एक में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने लगातार साहस, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने, मानवीय सहायता पहुंचाने और संयुक्त राष्ट्र के जनादेश को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सब उन्होंने लगातार जारी सशस्त्र हिंसा और जटिल मानवीय चुनौतियों के बीच किया है।

सेना ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र पदक भारतीय सेना की उस वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण है, जिसके तहत उसे दुनिया के सबसे विश्वसनीय और प्रभावी संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन योगदानकर्ताओं में गिना जाता है।

सेना ने कहा कि यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता तथा संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में कमजोर और प्रभावित समुदायों की सुरक्षा के संकल्प को भी दर्शाता है।

समारोह के अंत में भारतीय शांति सैनिकों ने संयुक्त राष्ट्र के नीले ध्वज के तहत सम्मान, साहस और समर्पण के साथ सेवा जारी रखने तथा पेशेवर उत्कृष्टता, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के सर्वोच्च मानकों का पालन करने की शपथ दोहराई। सेना ने कहा कि भारतीय दल का यह योगदान न केवल देश का गौरव बढ़ा रहा है, बल्कि विश्व शांति के प्रति भारत की मजबूत विरासत को भी और सुदृढ़ कर रहा है।

--आईएएनएस

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