क्वेटा, 27 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने सोमवार को बलूचिस्तान के खुजदार जिले के कई इलाकों में जमीनी और हवाई अभियान जारी रखा। स्थानीय मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि वाध क्षेत्र में हुई गोलाबारी में एक और व्यक्ति की मौत हो गई।
पाकिस्तानी सैन्य हेलीकॉप्टरों ने खुजदार के ओरनाच के सुरगढ़ क्षेत्र में कई स्थानों पर हवाई हमले किए, जबकि पूरे इलाके में हवाई निगरानी और उड़ानें भी जारी रहीं। 'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक,पिछले कुछ दिनों से वाध, ओरनाच और जेहरी क्षेत्रों में जमीनी और हवाई अभियान चल रहे हैं।
ये घटनाक्रम बलूचिस्तान के कई हिस्सों में आम नागरिकों वाले इलाकों को निशाना बनाकर किए जा रहे तेज मिलिट्री ऑपरेशन के बीच सामने आए हैं।
पिछले हफ्ते खुजदार में पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत कई अन्य लोग घायल हो गए थे। खुजदार के वाध इलाके के ड्रखलाव-गस्लैती में हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने हाईवे पर धरना दिया और विरोध स्थल पर अब्दुल कादिर का शव रखा।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने 23 जुलाई की सुबह गोलाबारी शुरू की और कथित तौर पर वाध इलाके में आम नागरिकों की जगह को निशाना बनाया।
बलूचिस्तान में आम नागरिकों पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए मानवाधिकार संगठन 'बलूच यकजेहती कमेटी' (बीवाईसी) ने बताया कि पंजगुर जिले के पारूम इलाके में रहने वाले 14 साल के छात्र शहजाद को पाकिस्तान समर्थित 'डेथ स्क्वाड' ने 25 जुलाई को गैरकानूनी तरीके से मार डाला। उसे एक साल से ज्यादा समय तक गायब रखा गया था।
बीवाईसी ने कहा, "एक साल से ज्यादा समय तक उसका परिवार इस उम्मीद में तड़पता रहा कि वह सुरक्षित घर लौट आएगा। इसके बजाय, उन्हें उसकी हत्या की दुखद खबर मिली। यह हत्या उन 'डेथ स्क्वाड' ने की जो पाकिस्तानी सेना के समर्थन से बिना किसी डर या रोक-टोक के काम करते हैं।"
मानवाधिकार संगठन ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपनी एजेंसियों और सरकार समर्थित 'डेथ स्क्वाड' के साथ मिलकर महिलाओं, बच्चों और बलूच समुदाय के हर व्यक्ति को निशाना बनाकर अत्याचार की सारी हदें पार कर दी हैं।'
इसके अलावा, 'बलूच वॉयस फॉर जस्टिस' (बीवीजे) ने बताया कि एक और छात्र एक्टिविस्ट, यूनुस बलूच को 25 जुलाई को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रांत की राजधानी क्वेटा में उनके घर से उठा लिया और किसी अज्ञात जगह पर ले गए।
संगठन का कहना है कि तब से उनके परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है और उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसी खबरें बहुत चिंताजनक हैं कि उनके परिवार के एक 8 साल के बच्चे को 'फोर्थ शेड्यूल' में डाला गया है। इससे मौलिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं।
बलूचिस्तान लगातार पाकिस्तानी बलों के अत्याचारों का सामना कर रहा है, जिसमें बलूच नागरिकों का जबरन गायब किया जाना और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के उनकी हत्या (एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग) जैसी घटनाएं अभूतपूर्व स्तर पर हो रही हैं।
--आईएएनएस
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