क्वेटा, 2 जुलाई (आईएएनएस)। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि उसने पिछले 10 दिनों में बलूचिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में 23 अलग-अलग अभियानों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों को निशाना बनाया। समूह के अनुसार इन हमलों में 16 सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
मीडिया को जारी एक बयान में बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने कहा कि 21 से 30 जून के बीच किए गए इन अभियानों में सुरक्षा बलों, बुनियादी ढांचे और उन वाहनों को निशाना बनाया गया, जो “दमनकारी परियोजनाओं” से जुड़े थे। संगठन ने यह भी दावा किया कि उसने कुछ मार्गों को अवरुद्ध कर वाणिज्यिक वाहनों को निशाना बनाते हुए “आर्थिक नाकेबंदी” की रणनीति अपनाई।
बयान के अनुसार, 23 जून को बीएलए के लड़ाकों ने खारान जिले के सरावान, नौरोज कलात और जारोजई क्षेत्रों में दो दिनों तक नियंत्रण बनाए रखा। इस दौरान दो पुलों को उड़ाने का दावा किया गया, जबकि अलग-अलग हमलों और स्नाइपर फायरिंग में सात पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई।
समूह ने यह भी कहा कि उसने बेसिमा के पास सुरक्षा बलों पर हमला किया और तुर्बत के खैराबाद क्षेत्र में एक सैन्य चौकी को निशाना बनाते हुए निगरानी उपकरण नष्ट कर दिए।
बीएलए के अनुसार, 25 जून को मस्तुंग और नुश्की में सड़कों को अवरुद्ध किया गया और सात मालवाहक वाहनों को जब्त किया गया, जबकि दस अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। समूह का दावा है कि ये वाहन उनके विरोधी परियोजनाओं से जुड़े थे।
इसके अगले दिन जेहरी के बलबल इलाके में भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें छह पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत और कई के घायल होने का दावा किया गया। इस दौरान समूह के दो सदस्य भी मारे गए।
बीएलए ने यह भी कहा कि खुजदार जिले के करख क्षेत्र में एंटी-टेररिस्ट फोर्स (एटीएफ) के वाहन पर हमला किया गया, जबकि खारान और बेसिमा में भी अलग-अलग कार्रवाई की गई।
27 जून को क्वेटा के मियां घुंडी इलाके में एक पुलिस वाहन को रिमोट-नियंत्रित विस्फोटक उपकरण (आईईडी) से निशाना बनाया गया, जिसमें चार पुलिसकर्मी घायल हुए। समूह ने दल्बंदिन में तीन मालवाहक ट्रेलरों को भी निष्क्रिय करने का दावा किया।
बीएलए के अनुसार, 28 जून को मस्तुंग के कामबेला इलाके में हुई मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी और उसके दो लड़ाके मारे गए। इसके अलावा केच में एक सैन्य गश्ती दल पर आईईडी हमला किया गया तथा खारान के पास एक निर्माण कंपनी के कैंप में मशीनरी और वाहन नष्ट किए गए।
30 जून को मस्तुंग और नुश्की में पांच वाहनों को आग लगाने और क्वेटा के पास ज़रगून गैस क्षेत्र से जुड़ी आपूर्ति ले जा रहे एक वाहन को जब्त करने का दावा भी किया गया।
बीएलए ने अपने बयान में कहा कि वह बलूचिस्तान में राज्य समर्थित विकास और संसाधन निष्कर्षण परियोजनाओं का विरोध जारी रखेगा और “बलूचिस्तान की स्वतंत्रता” तक सशस्त्र कार्रवाई जारी रखने की बात दोहराई।
--आईएएनएस
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