नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जापान की ओर से रक्षा उपकरण और तकनीक के ट्रांसफर से जुड़े तीन सिद्धांतों की समीक्षा का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे भारत और जापान के बीच रक्षा साझेदारी मजबूत होगी।
यह बात 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त बयान में कही गई। यह बैठक नई दिल्ली में हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची शामिल हुईं।
दोनों देशों ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में उनका सहयोग लगातार बढ़ रहा है। पीएम मोदी और ताकाइची दोनों ने पिछले वार्षिक शिखर सम्मेलन में अपनाए गए सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा के आधार पर इस साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
संयुक्त बयान में बताया गया कि दोनों नेताओं ने अपने रक्षा और विदेश मंत्रियों को इस साल के अंत तक टोक्यो में 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक का चौथा दौर आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग पर भी खुशी जताई। इसमें नौसैनिक अभ्यास जेमेक्स-25 का सफल आयोजन भी शामिल है, जिसमें जापान की दोनों सर्विस ने मिलकर हिस्सा लिया।
भारत ने 2026 में विशाखापट्टनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में जापान की भागीदारी का भी स्वागत किया। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके तहत संयुक्त सैन्य अभ्यास, सैटेलाइट की मदद से समुद्री निगरानी, नौसैनिक जहाजों की मरम्मत और रखरखाव (एमआरओ), और 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा उपकरण और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस बात पर संतोष जताया कि यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना (यूनिकॉर्न) परियोजना से जुड़े बाकी तकनीकी मुद्दों पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बन गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस परियोजना को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा और रक्षा उपकरण एवं तकनीक के क्षेत्र में दूसरी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने के नए तरीके तलाशे जाएंगे।
दोनों नेताओं ने क्वाड के तहत हो रही लगातार प्रगति का भी स्वागत किया और व्यावहारिक सहयोग को और मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
संयुक्त बयान में बताया गया, “उन्होंने मैरीटाइम और ट्रांसनेशनल सिक्योरिटी; जरूरी मिनरल्स सहित आर्थिक खुशहाली और सिक्योरिटी; जरूरी और उभरती टेक्नोलॉजी; और मानवीय सहायता और इमरजेंसी रिस्पॉन्स के चार पिलर में क्वाड कोऑपरेशन के महत्व को रेखांकित किया।”
संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि इन क्षेत्रों में भारत और जापान के बीच बढ़ता सहयोग क्वाड की कोशिशों को और मजबूत करेगा। दोनों नेताओं ने अगला क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन जल्द आयोजित कराने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
--आईएएनएस
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