नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका के साथ हालिया वार्ताओं के बाद उसे बड़ी आर्थिक राहत मिली है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान के तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों में छूट दी गई है और विदेशों में सीज तेहरान की कुछ संपत्तियां भी जारी कर दी गई हैं।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पाकिस्तान और कतर की लगातार मध्यस्थता से लेबनान युद्ध को समाप्त करने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है।"
ईरान की एक प्रमुख समाचार एजेंसी फार्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अराघची का यह बयान उस समय आया, जब स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच तकनीकी स्तर की वार्ताएं समाप्त हुईं।
स्विट्जरलैंड में हुई ये बातचीत 14-सूत्रीय इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत पहली उच्च-स्तरीय वार्ता थी। यह समझौता 18 जून को पाकिस्तान की मध्यस्थता में कई हफ्तों की कूटनीतिक कोशिशों के बाद हस्ताक्षरित किया गया था।
इस समझौते के अनुसार, दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को 'तुरंत और स्थायी रूप से' समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है।
फार्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, समझौते में कहा गया है कि 30 दिनों के भीतर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाई जाएगी, ईरान की अरबों डॉलर की सीज संपत्तियां जारी की जाएंगी, ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर का फंड बनाया जाएगा और युद्ध के कारण बंद किए गए होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा।
अराघची ने कहा कि एक अंतिम समझौते पर 60 दिनों के भीतर बातचीत की जाएगी, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, सभी प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने और युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने जैसे मुद्दे शामिल होंगे।
फार्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने कहा, "तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर छूट दी गई है, नाकाबंदी हटा ली गई है, कुछ सीज संपत्तियां जारी कर दी गई हैं और ईरान के लिए एक बड़ा पुनर्निर्माण और विकास कार्यक्रम शुरू किया गया है। पहला वास्तविक परीक्षण लेबनान में तनाव कम करने के लिए बनाए गए समन्वय तंत्र का होगा।"