वाशिंगटन, 19 जुलाई (आईएएनएस)। ईरान के हमले में पहली बार दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। इसके बाद अमेरिकी सेना ने शनिवार को कहा कि उसने सैनिकों के मारे जाने के जवाब में ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू कर दिए हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, "ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल शिपिंग को धमकाने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करने और उन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) बलों को तत्काल जवाब देने के लिए किए गए हैं, जिन्होंने कल रात जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया था।"
सेंटकॉम के अनुसार, ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए, जबकि एक अन्य सैनिक लापता है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक अलग बयान में कहा कि कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हमलों का नया दौर शुरू किया है।
वहीं, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, पिछले दिन हुए अमेरिकी हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई। इसके साथ ही संघर्ष के इस नए दौर में मरने वालों की कुल संख्या 50 हो गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमानपुर ने कहा कि 27 जून से अब तक अमेरिकी हमलों में कम से कम 500 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों में पांच महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि स्थानीय समयानुसार रविवार सुबह बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
तस्नीम समाचार एजेंसी ने होर्मुज स्ट्रेट स्थित केशम द्वीप के निवासियों के हवाले से बताया कि द्वीप के कई हिस्सों में विस्फोट हुए। एजेंसी के अनुसार, हाल के दिनों में अमेरिकी विमानों ने कई बार केशम द्वीप को निशाना बनाया, जिससे वहां के कुछ हिस्सों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।
बंदर अब्बास के बंदरगाह शहर में भी कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। वाशिंगटन और तेहरान के बीच फिर से शुरू हुई सैन्य कार्रवाई के बीच दोनों स्थान अमेरिकी हमलों का निशाना बने हैं।
--आईएएनएस
केके/एएस



