वॉशिंगटन, 7 अगस्त (आईएएनएस)। मैसाचुसेट्स की गवर्नर मौरा हीली ने 15 अगस्त को 'इंडिया-डे' घोषित किया है। यह घोषणा भारत के स्वतंत्रता दिवस और राज्य की अर्थव्यवस्था, संस्कृति तथा सार्वजनिक जीवन में भारतीय-अमेरिकियों के महत्वपूर्ण योगदान के सम्मान में की गई है।
हीली ने एक अगस्त को इस घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसमें 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगांठ के सम्मान में 15 अगस्त को इंडिया डे के रूप में मान्यता दी गई। 'अमेरिकन बाजार' की रिपोर्ट के अनुसार, मैसाचुसेट्स की लेफ्टिनेंट गवर्नर किम्बर्ली ड्रिस्कॉल और कॉमनवेल्थ ऑफ मैसाचुसेट्स के सचिव विलियम फ्रांसिस गैल्विन ने भी इस घोषणा का समर्थन किया और राज्य के लोगों से 15 अगस्त को इंडिया डे के रूप में मनाने और मान्यता देने का आग्रह किया।
घोषणा-पत्र में दुनिया भर में बसे भारतीय मूल के लोगों की उपस्थिति का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि भारत के बाहर भारतीय मूल के 3.6 करोड़ से अधिक लोग रहते हैं, जिनमें से 50 लाख से ज्यादा अमेरिका में बसे हुए हैं। मैसाचुसेट्स ने यह भी स्वीकार किया कि राज्य में भारतीय समुदाय के लोगों ने उद्यमिता, सार्वजनिक सेवा, शिक्षा, नवाचार, स्वास्थ्य सेवा और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
घोषणा-पत्र में कहा गया है, मैसाचुसेट्स में भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने चिकित्सा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, व्यापार और सार्वजनिक सेवा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान और समृद्ध हुई है।मैसाचुसेट्स में भारतीय-अमेरिकी समुदाय हर साल भारत के स्वतंत्रता दिवस को उत्साह के साथ मनाता है।
घोषणा-पत्र के अनुसार, "मैसाचुसेट्स के विभिन्न हिस्सों में रहने वाला भारतीय-अमेरिकी समुदाय इस महत्वपूर्ण अवसर को ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से मनाता है जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक मूल्यों और शांति तथा प्रगति के प्रति उसकी स्थायी प्रतिबद्धता का जश्न मनाते हैं।"
'अमेरिकन बाजार' की रिपोर्ट के अनुसार, बोस्टन की मेयर मिशेल वू ने भी शहर में 15 अगस्त को 'इंडिया-डे' घोषित किया है।
15 अगस्त को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इसी दिन वर्ष 1947 में भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। 15 अगस्त केवल स्वतंत्रता का दिन नहीं है, बल्कि यह उस सफर का प्रतीक भी है, जिसमें भारत एक उपनिवेशित देश से दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में उभरकर सामने आया।
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