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Tirupati Laddu Controversy : वाईएसआरसीपी ने चंद्रबाबू नायडू से तिरुपति लड्डू में मिलावट के आरोप पर स्पष्टीकरण मांगा

वाईएसआरसीपी ने चंद्रबाबू से तिरुपति लड्डू विवाद पर जवाब मांगा
वाईएसआरसीपी ने चंद्रबाबू नायडू से तिरुपति लड्डू में मिलावट के आरोप पर स्पष्टीकरण मांगा

अमरावती: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के राज्य कॉर्डिनेटर सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से तिरुपति लड्डू में जानवरों की चर्बी की मिलावट के आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को या तो लड्डूओं में जानवरों की चर्बी की मिलावट के अपने बयान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए या प्रयोगशाला रिपोर्ट्स के मद्देनजर स्पष्टीकरण देना चाहिए। क्योंकि रिपोर्ट्स में कहा गया है कि लड्डू में जानवरों की चर्बी नहीं पाई गई।

उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि प्रयोगशाला रिपोर्ट्स से स्पष्ट है कि तिरुपति लड्डू में जानवरों की चर्बी नहीं थी। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू की इस मुद्दे पर टिप्पणी ने भक्तों के बीच आक्रोश पैदा किया है। इसलिए इसको गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उनके गैर-जिम्मेदाराना बयान के लिए उन्हें फटकार लगाई जानी चाहिए।

मीडिया से बात करते हुए रेड्डी ने कहा कि उच्च पद पर आसीन चंद्रबाबू ने तिरुपति लड्डू में मिलावट होने की गैरजिम्मेदाराना टिप्पणी करके इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि लड्डू में जानवरों की चर्बी नहीं है। चंद्रबाबू से उन टिप्पणियों के लिए पूछताछ की जानी चाहिए, जिनसे दुनिया भर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि टीटीडी अध्यक्ष या बोर्ड के सदस्य अनियमितताओं में शामिल थे, जिससे हमारी छवि साफ है, और आरोपों की कानूनी जांच होनी चाहिए।

वाईएसआरसीपी नेता ने कहा कि चंद्रबाबू को स्पष्टीकरण देना होगा क्योंकि मिलावट पर उनकी टिप्पणी के बाद ही पूरी जांच शुरू हुई, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुईं।

उन्होंने कहा कि घी की खरीद के लिए एक प्रणाली पहले से मौजूद है और हमने क्वालिटी कंट्रोल बढ़ाकर और निर्धारित नियमों के अनुरूप न होने वाले किसी भी उत्पाद को अस्वीकार करके इसे सुधारने का प्रयास किया है।

--आईएएनएस