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यूपी में भाजपा 100 सीटों में सिमट जाएगी, सपा जीतेगी 300 से ज्यादा: रविदास मेहरोत्रा

भाजपा 100 सीटों में सिमटेगी, सपा जीतेगी 300 से ज्यादा सीटें: रविदास मेहरोत्रा
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लखनऊ, 10 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा 100 सीटों के अंदर सिमट जाएगी, जबकि समाजवादी पार्टी 300 से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर भी अपना पक्ष रखा और कहा कि कांग्रेस को उन्हीं सीटों पर दावा करना चाहिए, जहां उसके जीतने की संभावना मजबूत है। मेहरोत्रा ने कांग्रेस के लिए करीब 60-65 सीटों की संभावना भी जताई।

बसपा से आकाश आनंद को बाहर किए जाने के सवाल पर रविदास मेहरोत्रा ने बहुजन समाज पार्टी को भाजपा की 'बी टीम' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा में जो नेता भाजपा के खिलाफ बोलता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। आकाश आनंद बसपा में रहते हुए भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना और विरोध करते थे, इसलिए उन्हें पार्टी से बाहर करने की कार्रवाई की गई। बसपा में बने रहने के लिए अब भाजपा के खिलाफ नहीं बोलने की शर्त जैसी स्थिति बन गई है।

अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे को कथित तौर पर अनुमति नहीं मिलने को लेकर भी सपा विधायक ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 11 सितंबर को बुलंदशहर में अखिलेश यादव की बड़ी सभा प्रस्तावित थी, लेकिन सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि भाजपा सरकार नहीं चाहती कि अखिलेश यादव पूरे प्रदेश में दौरे और रैलियां करें। अनुमति नहीं देने के लिए अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। भाजपा की ओर से इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समुदाय की कथित नाराजगी से जोड़ने की बात पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

अमृता फडणवीस और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले के गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर दिए गए बयानों पर भी रविदास मेहरोत्रा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा कार्यक्रमों में किसी धर्म के व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाना उचित नहीं है। यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से ऐसे कार्यक्रम में शामिल होना चाहता है तो केवल उसके धर्म के आधार पर रोक नहीं लगनी चाहिए। मेहरोत्रा ने सभी धर्मों के लोगों के एक-दूसरे के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने की वकालत की।

पी चिदंबरम के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान के संदर्भ में मेहरोत्रा ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नक्सलवाद और माओवाद खत्म करने की बात करती है, लेकिन आतंकवाद को लेकर इसी तरह का दावा नहीं करती। देश में आतंकवादी घटनाएं होती हैं और सरकार उन्हें रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हुई है। नक्सलवाद और माओवाद के खिलाफ कार्रवाई की बात करने के साथ आतंकवाद पर भी स्पष्ट जवाबदेही होनी चाहिए।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा राहुल गांधी को 'राहुल मियां' कहकर वंदे मातरम के मुद्दे पर हमला किए जाने के सवाल पर रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम के शुरुआती दो हिस्सों का व्यापक रूप से इस्तेमाल हुआ था। कई क्रांतिकारियों ने इसे गाया और जेल गए, जबकि आरएसएस के नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाया।

मेहरोत्रा ने कहा कि वंदे मातरम को स्वेच्छा से गाने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन किसी व्यक्ति को पूरा गीत गाने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि किसी को पूरा गीत गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। समाजवादी पार्टी का भी यही मत है कि जो व्यक्ति स्वेच्छा से पूरा गीत गाना चाहता है, वह गाए, लेकिन जो पूरा गीत नहीं गाना चाहता, उसे इसके लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।

भाजपा के कथित इंटरनल सर्वे में करीब 160 सीटें मिलने के अनुमान पर रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि भाजपा को इतनी सीटें भी नहीं मिलेंगी। भाजपा 100 सीटों के अंदर सिमट सकती है। उन्होंने कहा कि जनता में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध, स्वास्थ्य सेवाओं और स्कूलों से जुड़े मुद्दों को लेकर नाराजगी है। उन्होंने दावा किया कि यह जनाक्रोश चुनाव तक और बढ़ेगा। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी 300 से ज्यादा सीटें जीतेगी और अखिलेश यादव बड़े बहुमत के साथ मुख्यमंत्री बनेंगे।

सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि अंतिम निर्णय सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की बातचीत से होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उन्हीं सीटों की मांग करनी चाहिए, जहां उसके उम्मीदवार के जीतने की संभावना हो। मेहरोत्रा ने गठबंधन धर्म के पालन को भी जरूरी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में कांग्रेस ने गठबंधन के बावजूद सहयोगी दल के उम्मीदवार के खिलाफ उम्मीदवार उतारे हैं।

उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने उनके पक्ष में प्रचार किया था, लेकिन अगले ही दिन कांग्रेस ने वहां अपना प्रत्याशी उतार दिया था। मेहरोत्रा ने इसे गठबंधन धर्म के खिलाफ बताया।

कांग्रेस के लिए संभावित सीटों की संख्या पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि विधानसभा में कांग्रेस के मौजूदा सदस्यों की संख्या और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखकर सीटें तय होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस को करीब 60-65 सीटें दी जा सकती हैं।

--आईएएनएस

पीएसके