योगी के बयान पर विपक्ष का निशाना, कहा-मंदिर-मस्जिद नहीं, भ्रष्टाचार पर बोलिए

योगी के बयान पर विपक्ष का निशाना, कहा-मंदिर-मस्जिद नहीं, भ्रष्टाचार पर बोलिए

लखनऊ, 10 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में हनुमानगढ़ी पर नमाज पढ़े जाने से जुड़े बयान पर प्रतिक्रिया दी। एक तरफ उनके इस बयान का तमाम लोग समर्थन कर रहे हैं, तो वहीं विपक्ष के नेता उनके इस बयान पर सवाल भी उठा रहे हैं। सपा और कांग्रेस के नेताओं ने सीएम योगी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है।

समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सीएम योगी को लोगों का ध्यान भटकाना बंद करना चाहिए। हिंदू-मुस्लिम, जाति-धर्म से ऊपर उठकर सोचना चाहिए। युवाओं की नौकरी, मरीजों के इलाज, टूटी सड़कों को ठीक करने और विकास पर बात करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले में शामिल लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद रुचि वीरा ने इस मामले में भी बुलडोजर एक्शन की मांग की। उन्होंने कहा कि सबको एक नजर से देखना चाहिए। यदि बुलडोजर अन्य लोगों पर चलता है तो राम मंदिर में डकैती डालने वालों पर बुलडोजर कब चलेगा।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले की जो जांच चल रही थी, उसमें केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी शामिल थे। हमें उनसे न्याय की उम्मीद नहीं थी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के जज इस जांच में शामिल होंगे, तभी सच्चाई सामने आ सकेगी।

आईएएनएस से बातचीत में उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने कहा कि अयोध्या के लोग राम मंदिर प्रकरण से काफी दुखी हैं। मस्जिद के पीछे छिपने की बजाय उन्हें यह बताना चाहिए था कि जिस जनपद में वह मुख्यमंत्री हैं, जहां वह खुद हर महीने चार-पांच बार आ रहे हैं और दर्शन भी कर रहे हैं, वहां इतनी बड़ी चोरी कैसे हो गई।

उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर प्रकरण में उठ रहे सवालों का जवाब उन्हें देना चाहिए था, लेकिन दिक्कत यह है कि भाजपा और सीएम योगी जवाबदेही से बचने के लिए मंदिर-मस्जिद के पीछे छिप जाते हैं। सीएम योगी आज अयोध्या में थे, उन्हें राम मंदिर जाकर सवाल पूछना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि जिन पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, वे आज भी मंदिर में घूम रहे हैं। इस पर कोई रोक नहीं लग पा रही है। भाजपा की नीति ही यही है कि जब कोई सवाल उठे, तो मंदिर-मस्जिद करने लग जाओ।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी