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पश्चिम बंगाल: पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत पर भाई प्रशांत बोले, कुछ भी असामान्य नहीं लगा

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बीरभूम, 16 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी के टीएमसी कार्यालय में मृत पाए जाने के मामले में लोगों की प्रतिक्रिया सामने आई है।

आशीष बनर्जी के भाई प्रशांत बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "दरवाजे में थोड़ी सी जगह थी और देखा गया कि एक रस्सी लटक रही थी। इससे कुछ शक हुआ। फिर परिवार के सभी सदस्यों को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। हमारी रोज बैठकें होती थीं। रात में भी कुछ असामान्य नहीं लगा। वह पूरे दिन ऑफिस में थे। झंडा फहराया गया और सब कुछ सामान्य था।

बीरभूम जिले के एसपी विदित राज भुंडेश ने कहा, "आज सुबह हमें अभिषेक बनर्जी (उर्फ सामू) से जानकारी मिली कि उनके रिश्तेदार, पूर्व विधायक और पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी ने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। खबर मिलते ही रामपुरहाट पुलिस स्टेशन के इंचार्ज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गवाहों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में पुलिस ने कमरे का बंद दरवाजा तोड़ा। दरवाजा अंदर से बंद था। उनकी मौजूदगी में ही दरवाजे का लॉक तोड़ा गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई।"

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "यह आत्महत्या थी या हत्या, इसकी जांच पुलिस करेगी। सिर्फ इसलिए कि कहा जा रहा है कि उन्होंने जाने से पहले एक चिट्ठी लिखी थी, यह मान लेना जरूरी नहीं है कि वह चिट्ठी असल में उन्होंने ही लिखी थी। तो असल मामला क्या है, इसकी जांच पुलिस करेगी। अगर यह आत्महत्या है और अगर उसमें यह लिखा है कि 'मेरा अपमान हो रहा है, राजनीति में न आना ही बेहतर होता तो इससे मुझे बहुत दुख होता है।"

बंगाल सरकार में मंत्री तपस रॉय ने कहा, "मुझे आज सुबह ही इसके बारे में पता चला और मैंने वह सुसाइड नोट भी देखा और पढ़ा है जो मोबाइल पर आया है। यह बहुत दुखद घटना है। वह किसी भी तरह के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा था कि राजनीति में आना गलत था और कई चीजें देखने के बावजूद वह उनका विरोध नहीं कर पाए क्योंकि उनके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं थी।"

बंगाल सरकार में मंत्री शंकर घोष ने कहा, "यह बहुत दुखद है। यह बड़े अफसोस की बात है कि इतने अनुभवी नेता का निधन इस तरह हुआ। मैं यह भी कहना चाहूंगा कि पांच वर्ष तक मैंने उन्हें डिप्टी स्पीकर और प्रिविलेज कमेटी के चेयरमैन के तौर पर देखा। उस भूमिका में विधानसभा परिसर के अंदर उनका व्यवहार बहुत अच्छा था। वे मृदुभाषी थे, कभी ऊंची आवाज में बात नहीं करते थे और मैं ऐसे लोगों की तारीफ करता हूं। एक प्रोफेसर भी थे और उनकी बातों से हमेशा उनके गहरे ज्ञान की झलक मिलती थी। मुझे इस बात का भी बहुत दुख है कि गुजरने से पहले उन्होंने कहा था कि राजनीति में आना उनके लिए एक गलती थी। पांच बार के विधायक का ऐसा बयान राजनीति के लिए भी अच्छा संकेत नहीं है।"

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, "पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व मंत्री, पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर, कई बार विधायक रहे अनुभवी नेता और हमारी 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' की राष्ट्रीय कार्यसमिति के वरिष्ठ और अहम सदस्य प्रोफेसर आशीष कुमार बनर्जी के निधन पर दुख जताने के लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं। आशीष-दा सभी का सम्मान पाने वाले ईमानदार राजनेता और लोकप्रिय शिक्षक थे, जिन्होंने रामपुरहाट कॉलेज में पढ़ाया और छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे। उनका सुसाइड नोट दिल दहला देने वाला है। छात्र जीवन से ही राजनीति में शामिल रहे एक व्यक्ति ने लिखा कि राजनीति में आना एक गलती थी।"

जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा, "आशीष की मौत से निश्चित रूप से कई सवाल उठते हैं और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह अभी शुरुआती चरण में है। जब जांच के नतीजे आएंगे, तो पश्चिम बंगाल सरकार निष्कर्ष बताएगी, लेकिन एक बात पक्की है। अगर आत्महत्या के अलावा कोई और पहलू सामने आता है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।"

--आईएएनएस

एसडी/वीसी