विशाखापत्तनम, 22 अगस्त (आईएएनएल)। भारत, अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत शनिवार से आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में ब्रिक्स युवा मंत्रियों और खेल मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा।
दो दिन तक चलने वाली इन बैठकों में ब्रिक्स के सभी 11 सदस्य देशों के मंत्री और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख शामिल होंगे। इन बैठकों का मकसद युवा मामलों और खेल के क्षेत्रों में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना है।
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया इन बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, जबकि युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे भी इसमें हिस्सा लेंगी।
ब्रिक्स युवा मंत्रियों की बैठक में युवाओं के विकास और सशक्तीकरण के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। बैठक के एजेंडे में शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, युवा कल्याण और टिकाऊ विकास जैसे अहम मुद्दे शामिल होंगे। उम्मीद है कि बैठक के आखिर में 'ब्रिक्स युवा मंत्रियों का संयुक्त घोषणापत्र' और 'ब्रिक्स युवा सहयोग ढांचा' अपनाया जाएगा।
23 अगस्त को होने वाली ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक में ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के खेल मंत्री और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख शामिल होंगे। यह बैठक खेलों में सहयोग को मजबूत करने की उनकी साझा प्रतिबद्धता को फिर से दोहराएगी।
2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय "लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" है, जो लोगों पर केंद्रित और मानवता को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।
युवा मामले और खेल मंत्रालय ने कहा, "मंत्रियों की ये बैठकें भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान हुई बैठकों और चर्चाओं को आगे बढ़ाएंगी और ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेंगी।"
इसमें कहा गया है कि इस बैठक के आखिर में 'ब्रिक्स यूथ मिनिस्टीरियल जॉइंट डिक्लेरेशन' और 'ब्रिक्स यूथ कोऑपरेशन फ्रेमवर्क' को अपनाया जाएगा।
आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 'स्पोर्ट्स ट्रैक' में पारंपरिक और स्थानीय खेलों, खेल तकनीक, खेल से जुड़े सामान के निर्माण और 'जॉइंट डिक्लेरेशन' को अंतिम रूप देने जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
इस कार्यक्रम में 'ब्रिक्स फ्रेंडशिप साइकिलिंग इवेंट', सभी 11 ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के बयान, द्विपक्षीय बैठकें और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल होंगे। खेल मंत्रियों की बैठक में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के बयान होंगे, जिसके बाद 'जॉइंट डिक्लेरेशन' को अपनाया जाएगा।"
--आईएएनएस
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