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कौन हैं यूपी की कमान संभालने वाले विनोद तावड़े, जिन्होंने दिखाया हरियाणा से बिहार तक चुनावी रणनीति का दमखम

कौन

नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने मंगलवार को राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया। वहीं, जगदीश ईश्वरभाई पटेल को प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है।

इन नियुक्तियों के साथ ही भाजपा ने उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। पार्टी का खास फोकस सामाजिक और जातीय समीकरणों को मजबूत करने पर है। इसके तहत उत्तर प्रदेश से गैर-यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में भी अधिक प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है।

विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपे जाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्हें कई राज्यों में संगठन और चुनाव प्रबंधन का व्यापक अनुभव है। भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए कई महत्वपूर्ण चुनावी जिम्मेदारियां संभाल चुके तावड़े की संगठनात्मक क्षमता और गठबंधन सहयोगियों के साथ बेहतर समन्वय को पार्टी नेतृत्व उनकी नई जिम्मेदारी के लिए अहम मानता है।

तावड़े ने 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मु के चुनाव प्रभारी के तौर पर काम किया था। इस दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों में बैठकों के समन्वय के साथ एनडीए के सहयोगी दलों और समर्थन देने वाले दलों के साथ तालमेल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

इसके बाद 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन के चुनाव अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान भी उन्होंने गठबंधन सहयोगियों और समर्थन देने वाले दलों के साथ समन्वय किया।

तावड़े के संगठनात्मक दायित्वों में हरियाणा भी शामिल रहा है। उन्हें 2020 में हरियाणा का प्रदेश प्रभारी बनाया गया था, जहां उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2022 में उन्हें बिहार की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहां वे भाजपा के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल रहे। पार्टी तावड़े की रणनीतिक भूमिका को 2023 के उन राजनीतिक घटनाक्रमों से भी जोड़ती है, जिसके बाद राजद-जदयू सरकार की जगह एनडीए की सरकार बनी।

बिहार में तावड़े के संगठनात्मक मार्गदर्शन में एनडीए ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन किया। इसके बाद 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन ने बड़ी जीत दर्ज की।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा अब संगठन के साथ-साथ अपने सामाजिक समीकरण को भी मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में तावड़े को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी दिए जाने को पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।

--आईएएनएस

डीएससी