'विदेश नीति तुष्टीकरण नहीं, राष्ट्रीय हितों पर आधारित', सोनिया गांधी की गाजा टिप्पणी पर भड़के गौरव वल्लभ

'विदेश नीति तुष्टीकरण नहीं, राष्ट्रीय हितों पर आधारित', सोनिया गांधी की गाजा टिप्पणी पर भड़के गौरव वल्लभ

नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की गाजा मुद्दे पर की गई टिप्पणी और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को लेकर उनकी पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी के दावे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति किसी राजनीतिक दिखावे या तुष्टीकरण की राजनीति से नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के राष्ट्रीय हितों के आधार पर तय होती है।

गौरव वल्लभ ने कहा कि भारत की विदेश नीति राजनीतिक पोस्चरिंग या तुष्टीकरण की राजनीति पर आधारित नहीं है। देश की विदेश नीति 'स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट विद एवरी स्टेकहोल्डर' के सिद्धांत पर संचालित होती है और इसका उद्देश्य केवल भारत तथा उसके नागरिकों के हितों की रक्षा करना है। पिछले 12 वर्षों में भारत की विदेश नीति ने स्पष्टता और दृढ़ता का परिचय दिया है। पहली बार दुनिया ने देखा कि भारत ने खुलकर कहा कि 'खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते' और यदि भारत में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की घटनाएं होती हैं तो उन्हें 'एक्ट ऑफ वॉर' माना जाएगा और उसी अनुरूप जवाब दिया जाएगा।

भाजपा नेता ने दावा किया कि आज भारत की स्थिति वैश्विक मंचों पर पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। जी-7 समेत कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के प्रधानमंत्री को प्रमुख स्थान मिलता है और यह देश की मजबूत विदेश नीति का परिणाम है। जब 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में दुनिया के कई जहाजों को रोका गया था, तब भारतीय तिरंगे वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया गया। यह भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और प्रभाव का प्रमाण है। प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के 30 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ओमान और कई अन्य देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) भी भारत की प्रभावी विदेश नीति का उदाहरण हैं।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को लेकर उनकी पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी के उस दावे पर भी गौरव वल्लभ ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि प्रणब मुखर्जी, नरेंद्र मोदी को भारत का पहला सीधे तौर पर चुना गया प्रधानमंत्री मानते थे। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में प्रणब मुखर्जी का योगदान अतुलनीय रहा है। आज उनकी अपनी पुत्री यह कह रही हैं कि प्रधानमंत्री मोदी को देश की जनता ने चुना है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी चुप क्यों है और कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रही। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह यह मानती है कि प्रणब मुखर्जी भाजपा या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के समर्थक थे। कांग्रेस पार्टी में जो भी व्यक्ति सच बोलता है, उसे किनारे कर दिया जाता है।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि वह अक्सर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हैं, जबकि कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक रहे प्रणब मुखर्जी की पुत्री स्वयं यह कह रही हैं कि देश की जनता ने पीएम मोदी को नेतृत्व के लिए चुना है। लोकतंत्र में जनता के फैसले का सम्मान होना चाहिए। यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करते हैं, तो क्या वह अप्रत्यक्ष रूप से देश की जनता के फैसले पर सवाल नहीं उठा रहे हैं। राहुल गांधी संविधान की बात तो करते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान नहीं दिखाते। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी लगातार तीन लोकसभा चुनाव हार चुकी है। पार्टी का अगर यही रवैया रहा तो अगले 30 और आम चुनाव में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ेगा।

--आईएएनएस

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