लखनऊ, 17 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' से जुड़े राष्ट्रीय सम्मान (राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम) संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार की कथित योजना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विधेयक का पूरा मसौदा सार्वजनिक होना चाहिए।
सपा के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि इस विषय पर विस्तृत चर्चा आवश्यक है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जब राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया था, उस समय कौन-कौन से नियम, प्रावधान और संवैधानिक व्यवस्थाएं तय की गई थीं। सभी पहलुओं पर गंभीर विचार-विमर्श के बाद ही समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर अपना विस्तृत रुख सामने रखेगी।
इसके अलावा वर्मा ने यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उनके लिए "दरवाज़ा बंद" करती है, तो उन्हें दूसरा रास्ता खोजना होगा। इस पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि इस विषय पर विशेष टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दल स्वतंत्र हैं और अपनी राजनीतिक रणनीति के अनुसार कहीं से भी चुनाव लड़ सकते हैं या किसी भी दल के साथ जाने का निर्णय ले सकते हैं।
हालांकि, आशुतोष वर्मा ने यह भी कहा कि यदि संजय निषाद समाजवादी पार्टी के साथ आने का फैसला करते हैं, तो उन्हें पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों के मुद्दों को मजबूती और मुखरता के साथ उठाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई पर आधारित है, इसलिए पार्टी में आने वाले किसी भी नेता से यही अपेक्षा रहेगी कि वह इन वर्गों की आवाज़ को प्राथमिकता दे।
वंदे मातरम' गाने के दौरान अपमान करने या उसमें बाधा डालने पर सज़ा के प्रावधान वाले प्रस्तावित बिल पर एसपी प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा, "सरकार ऐसी चीज़ें करती रहेगी। राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का सम्मान बनाए रखने के लिए पहले से ही कानून मौजूद हैं। लेकिन सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब नहीं देना चाहती। इसीलिए वह पुरानी बातों को ही नए रूप में पेश करती रहती है।"