नई दिल्ली/हरदोई/गया: देशभर में वट सावित्री का पर्व आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। सोमवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश के हरदोई और बिहार के गया में महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और सुख-शांति के लिए वट सावित्री की पूजा की। इस दिन सुहागिनें पति दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला उपवास रखती हैं और वट वृक्ष की पूजा करती हैं। मान्यता है कि इस वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है।
दिल्ली स्थित कालकाजी मंदिर के पीठाधीश्वर सुरेंद्रनाथ अवधूत ने बताया कि ज्येष्ठ मास की अमावस्या को सुहागिन महिलाएं व्रत रखते हुए भीगे चने, सिंदूर, रोली लेकर वट वृक्ष का पूजन करती हैं। इसमें कच्चे सूत को वट वृक्ष के चारों तरफ बांध देते हैं। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे अपने पति के प्राणों की रक्षा का वरदान यमराज से मांगा था। यमराज ने उनके सतीत्व को देखते हुए उनके पति सत्यवान को प्राण दान दिया था। इसके बाद से ही वट वृक्ष की पूजा की परंपरा चली आ रही है। इस दिन महिलाएं सावित्री और सत्यवान की कथा सुनती हैं।






