चंडीगढ़, 23 जून (आईएएनएस)। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने अजय बंगा को पत्र लिखकर पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर उनकी हालिया टिप्पणियों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि बंगा की टिप्पणियों ने पंजाब की आर्थिक वास्तविकताओं पर एक महत्वपूर्ण चर्चा को जन्म दिया है, जिस पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
ढिल्लों ने अपने पत्र में कहा कि पंजाब के युवाओं के सामने आर्थिक असुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। उन्होंने आगाह किया कि जमीन बेचकर मिलने वाली एकमुश्त संपत्ति स्थायी आजीविका और ग्रामीण क्षेत्रों के दीर्घकालिक विकास का विकल्प नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय से जिन मुद्दों को उठाती रही है, बंगा का आकलन उन्हीं जमीनी हकीकतों को सामने लाता है। इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब के ग्रामीण परिवारों की चुनौतियों को संकीर्ण नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। ग्रामीण समाज गहरे आर्थिक और सामाजिक बदलावों के दौर से गुजर रहा है, जिसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभावी प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता है।
ढिल्लों ने कहा कि पंजाब ने पीढ़ियों तक देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है और इसके लिए किसानों व ग्रामीण समाज ने सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय कीमत भी चुकाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब की समस्याओं के समाधान में विफल रही है।
उन्होंने कहा, “पंजाब के परिवार किसी एक व्यक्तिगत संकट से नहीं जूझ रहे हैं, बल्कि वे एक बड़े आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं। कई ग्रामीण समुदाय पारंपरिक कृषि व्यवस्था से बाहर निकल रहे हैं, लेकिन उनके लिए वैकल्पिक रोजगार, कौशल विकास और वित्तीय सहायता के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हैं। यह शासन की विफलता है, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार को लेनी चाहिए।”
नशे की समस्या का उल्लेख करते हुए ढिल्लों ने कहा कि भाजपा इस चुनौती को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का विषय है, जिसके लिए कड़े कानून प्रवर्तन, नशामुक्ति सहायता और सामुदायिक भागीदारी जरूरी है। उनके अनुसार, मौजूदा राज्य सरकार इन मोर्चों पर अपेक्षित परिणाम देने में असफल रही है।
ढिल्लों ने अजय बंगा को पंजाब आने और राज्य की वास्तविक परिस्थितियों को नजदीक से समझने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब के पास अपनी प्रगति और पुनरुत्थान की क्षमता, संसाधन और मानव शक्ति मौजूद है।
उन्होंने कहा, “पंजाब फिर से उभरेगा और इस पुनरुत्थान के केंद्र में पंजाब के लोग ही होंगे।”