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विहिप ने असम के बहुविवाह विरोधी प्रस्ताव का किया स्वागत, मौलाना साजिद के बयान पर साधा निशाना

विहिप ने असम के बहुविवाह विरोधी प्रस्ताव का किया स्वागत, मौलाना साजिद के बयान पर साधा निशाना

नई दिल्‍ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। असम सरकार ने एक प्रस्ताव में एक से ज्‍यादा शादी करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने और सरकारी सुविधाओं से वंचित करने की बात कही है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस प्रस्‍ताव को स्‍वागतयोग्‍य कदम बताया है। वहीं, उन्‍होंने मौलाना साजिद के महिला विरोधी बयान देने पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यह इस्‍लाम के कट्टरपंथियों की महिला विरोधी सोच को दर्शाता है।

उन्‍होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि असम में जिस तरह से यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया गया है, उससे महिलाओं को सम्मान मिलेगा। इससे महिलाओं के जीवन, उनके शरीर और उनके मौलिक अधिकारों के शोषण पर भी रोक लगेगी। अब अगर कोई व्यक्ति एक से ज्‍यादा शादियां करता है तो उसकी सरकारी नौकरी चली जाएगी, सरकारी सुविधाएं वापस ले ली जाएंगी और उसे जेल भी जाना पड़ सकता है।"

विनोद बंसल ने कहा कि असम सरकार की इस अनुकरणीय पहल को अन्‍य राज्‍य सरकारों को लागू करना चाहिए। जल्‍द ही भारत के अंदर एक समान नागरिक संहिता लागू कर देना चाहिए। खासकर मुस्लिम बच्‍चों और बेटियों को उनके अधिकारों से क्‍यों वंचित किया जा रहा है। हेमंत बिस्वा सरमा की सरकार साधुवाद की पात्र है।

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्‍यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया। उन्‍होंने कहा कि लड़कियों की देर से शादी उनके दुष्‍कर्म का कारण बन रहा है। इस बयान पर विनोद बंसल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह इस्‍लाम के कट्टरपंथियों की महिला विरोधी सोच को दर्शाता है। बच्चियां जब नाबालिग होती हैं तो बच्चियों को यौनाचार का शिकार बना दिया जाता है। उन पर बड़ी होते होते इतना शिकंजा कसा जाता है कि हलाल जैसी कुप्रथाओं का शिकार होना पड़ता है। भारत में सभी महिलाओं को समान अधिकार है।

उन्‍होंने कहा कि ऐसे मौलानाओं को महिला विरोधी सोच से बाहर आने की जरूरत है। इस विवादित बयान के लिए साजिद रशीदी को महिला शक्ति से माफी मांगनी चाहिए। इस बयान पर महिला आयोग को अविलंब कार्रवाई करनी चाहिए।

विश्‍व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि केरल में जिस तरह से एक हिंदू लड़की को पढ़ाई के दौरान न सिर्फ इस्‍लामिक जिहाद में फंसाकर शोषण किया गया, बल्कि धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया गया। उसके मना करने पर इतना प्रताड़ित किया कि उसके शरीर का कोई भी अंग अटैक के बिना नहीं छोड़ा गया, आखिरकार उसकी हत्‍या कर दी गई।

उन्‍होंने कहा कि केरल लव-जिहाद की विभीषिका झेल रहा है। अन्‍य राज्‍यों में भी इस तरह के मामले आ रहे है, यहां तक की विदेशों में भी हिंदू लड़कियों को टारगेट किया जा रहा है। जिहादियों को जल्‍द फांसी के फंदे पर लटकाने की जरूरत है। केरल में धर्मांतरण के लिए कठोर कानून की आवश्‍यकता है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी