logo
Advertisement banner

यूपी चुनाव से पहले संजय निषाद बोले, आरक्षण पर निषाद-राजभर समेत कई समुदायों का पहला हक

यूपी

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक दलों के बीच आरक्षण का मुद्दा गर्मा गया है। यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने निषाद, राजभर, पटेल और अन्य समुदायों के आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि आरक्षण उनका अधिकार है, क्योंकि इस पर उनका पहला हक है।

लखनऊ में आईएएनएस से बातचीत में यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने कहा विभिन्न समुदायों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये समुदाय उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी। वे राष्ट्रवादी और वफादार हैं। कांग्रेस, सपा और बसपा ने हमेशा आरक्षण के मुद्दे पर उनके साथ धोखा किया है, लेकिन फिर भी आरक्षण पर उनका पहला अधिकार है। उनके पूर्वजों ने अंग्रेजों और मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। ऐसी जातियों को पहला हक उनका अधिकार, आरक्षण मिलना चाहिए।

आरक्षण के मुद्दे पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश पर आरोप है कि उन्होंने हमारा आरक्षण छीन लिया। जब हम अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी में आते हैं, तो मेरे समुदाय को 1992-94 में ओबीसी श्रेणी में क्यों डाला गया? उन्होंने मंडल आयोग के समय ऐसा किया था। वे हमारे आरक्षण पर रोक लगवाने की कोशिश करते थे। मायावती भी रोक लगवाने की कोशिश करती थीं। 31 दिसंबर 2012 को जब हमने विरोध प्रदर्शन किया। ऐसे हालात में गवर्नर ने पद छोड़ने से ठीक पहले फिर से संशोधन किया। यह काम एक साल पहले ही हो जाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने सदन या विधानसभा में यह मुद्दा नहीं उठाया। उन्हें इस बारे में बात करनी चाहिए थी।

उन्होंने तर्क दिया कि पूर्व की कांग्रेस, बसपा सरकारों ने इन्हीं समुदाय के वोट के आधार पर सरकार बनाई। लेकिन, उनके आरक्षण के लिए कोई आवाज नहीं उठाई।

लखनऊ में छात्रों को विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरे मामले को संज्ञान लिया है, और हम लोग भी चाहते हैं कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को सुलझाया जाना चाहिए।

कांग्रेस द्वारा 15 अगस्त के दिन वंदे मातरम का अपमान करने पर संजय निषाद ने कहा कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान होना चाहिए, इसे लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।

दूसरी ओर उन्होंने बताया कि लखनऊ निषाद पार्टी की महत्वपूर्ण एवं विशेष बैठक आयोजित हुई। बैठक में राष्ट्रीय, प्रदेश, जोनल, मंडल, जिला, विधानसभा एवं सेक्टर स्तर के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा देने तथा आगामी राजनीतिक एवं सामाजिक चुनौतियों के लिए एकजुट होकर कार्य करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी