UP Agriculture Growth : विधान मंडल के बजट सत्र में योगी सरकार ने प्रस्तुत किया आर्थिक सर्वेक्षण

उत्तर प्रदेश ने कृषि उत्पादन और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर भारत का फूड प्रोसेसिंग हब बनने का लक्ष्य तय किया
विधान मंडल के बजट सत्र में योगी सरकार ने प्रस्तुत किया आर्थिक सर्वेक्षण

लखनऊ: योगी सरकार ने विधान मंडल के बजट सत्र में आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया। योगी सरकार ने प्रदेश के विकास में कृषि व किसान को प्राथमिकता में रखा। लागत कम और उत्पादन अधिक पर जोर देकर योगी सरकार ने अन्नदाता किसानों को समृद्ध किया। योगी सरकार ने कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन में आर्थिक सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश की सफलतम कहानी का जिक्र किया।

आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक 2017-18 के सापेक्ष 2024-25 में कृषि व संबद्ध क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में योगदान 24 प्रतिशत से बढ़कर 24.9 प्रतिशत हो गया। 2024-25 में 737.4 लाख मीट्रिक टन के साथ खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है। 2017-18 से 2024-25 की अवधि में कुल खाद्यान्न उत्पादन में 28.5 प्रतिशत तथा उत्पादकता में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रदेश में कुल खाद्यान्न उत्पादन का देश में योगदान 18.1 प्रतिशत से बढ़कर 20.6 प्रतिशत हो गया। फसलों का प्रति हेक्टेयर सकल मूल्यवर्धन वर्ष 2017-18 में 0.98 लाख प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 1.73 लाख प्रति हेक्टेयर हो गया है। 2023-24 व 2024-25 में खरीफ, रबी फसलों के क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता में काफी परिवर्तन हुआ। राज्य के कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीओ) में धान की हिस्सेदारी 13.1 प्रतिशत है। धान के क्षेत्रफल में 19.4 प्रतिशत, उत्पादन में 23.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादकता भी 3.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2024-25 में 29.4 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गई है।

कृषि आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में एक-एक उन्नत बीज पार्क की स्थापना की जा रही है। यह निर्णय प्रदेश को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा। पहला पार्क लखनऊ के अटारी क्षेत्र में 130.63 एकड़ भूमि पर 266.70 करोड़ के निवेश से बनेगा, जहां बीज प्रसंस्करण, स्पीड ब्रीडिंग और हाइब्रिड बीज विकास की सुविधा होगी। इससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर भी उत्पन्न होंगे। सीड पार्कों की स्थापना से बाहर से बीज आयात पर निर्भरता घटने के साथ उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे बेहतर उत्पादन होगा और आय में वृद्धि होगी। यह कदम उत्तर प्रदेश को कृषि आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करेगा तथा आने वाले वर्षों में प्रदेश भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनने की क्षमता प्राप्त करेगा।

उत्तर प्रदेश तेजी से भारत का फूड प्रोसेसिंग हब बनकर उभर रहा है। यूपी के आगरा व फर्रुखाबाद में अत्याधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट्स लगाए जा रहे हैं। इन संयंत्रों को कांट्रैक्ट फॉर्मिंग और कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क का मजबूत आधार प्राप्त है। यूपी में लगभग 65,000 फूड प्रोसेसिंग इकाइयां संचालित हैं। इनसे करीब 2.55 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। सरकार का लक्ष्य हर जिले में न्यूनतम 1,000 प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित करना है, जिससे खेती को मूल्य संवर्धन व रोजगार के अवसर मिलेंगे। अब तक 15 से अधिक एग्रो व फूड प्रोसेसिंग पार्क विकसित किए हैं। इनमें बरेली, बाराबंकी, वाराणसी और गोरखपुर प्रमुख हैं।

आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया कि आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार प्रदेश की कुल कार्यरत जनसंख्या का 53.2 प्रतिशत कृषि व संबद्ध क्षेत्रों में कार्यरत है। प्रदेश में कुल कार्यरत महिलाओं का 78.8 प्रतिशत और पुरुषों का 44.0 प्रतिशत कृषि व संबद्ध क्षेत्र में कार्यरत है, जिससे प्रदर्शित होता है कि प्रदेश में पांच में से चार कार्यरत महिलाएं कृषि क्षेत्र में कार्यरत हैं। कृषि व पशुपालन के माध्यम से महिलाएं घर-परिवार की आय में सबसे बड़ा योगदान दे रही हैं। वहीं भूमि सुधार के दृष्टिगत भारत सरकार की मदद से प्रदेश में भूमि के उचित प्रबंधन के लिए भू आधार या विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या (यूएलपीआईएन) प्रणाली प्रारंभ की गई। इससे न केवल सुविधाजनक रियल एस्टेट लेनदेन, बल्कि संपत्ति कराधान, आपदा योजना और प्रतिक्रिया प्रयासों में भी रचनात्मक सुधार प्रदर्शित हुआ है।

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...