उज्जैन में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा जमीन घोटाला : उमंग सिंघार

उज्जैन में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा जमीन घोटाला : उमंग सिंघार

भोपाल 23 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने राज्य की धार्मिक नगरी उज्जैन में प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा लैंड स्कैम (जमीन घोटाला) होने का आरोप लगाया है । विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है , मध्य प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा 'लैंड स्कैम' सामने आया है। सरकार उज्जैन के विकास का नक्शा बाद में बनाती है, मुख्यमंत्री का कुनबा वहां करोड़ों की 253 एकड़ ज़मीन पहले ही दबा लेता है। जनता की गाढ़ी कमाई से बनी सड़कों के किनारे की मलाई अपनों में बांटी जा रही है।

उन्होंने कहा कि उज्जैन का यह 'मास्टर प्लान' शहर के विकास के लिए नहीं बल्कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के पारिवारिक 'रीयल एस्टेट बिज़नेस' को फायदा पहुंचाने के लिए री-डिजाइन किया गया। साल 2021 में मंत्री रहते ही इस महालूट की बिसात बिछाई गई और दिसंबर 2023 में जैसे ही मुख्यमंत्री की कुर्सी हाथ लगी, बिना सोचे-समझे सड़कों और रास्तों का नक्शा सीधे अपने खरीदे हुए प्लॉटों के हिसाब से मोड़ दिया गया।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आरोप है कि मोहन यादव जब 2021 से शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री थे और उससे पहले जब उज्जैन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष थे, तभी से उन्हें पता था कि उज्जैन में आने वाले समय में सरकार कहां से नई सड़कें निकालने वाली है और कहाँ बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आने वाला है। मंत्री रहने के दौरान (2021-2023) उन्होंने करीब 44 प्लॉट और 85 एकड़ ज़मीनें अपने नाम कर लीं। उनके परिवार के नाम पर पहले से ही 82 एकड़ ज़मीन थी।

नेता प्रतिपक्ष सिंघार का आरोप है कि ज़मीनें खरीदने के बाद असली खेल हुआ। मई 2023 में मास्टर प्लान लाया गया। फिर दिसंबर 2023 में जैसे ही मोहन यादव मुख्यमंत्री बने, सरकार के तंत्र का इस्तेमाल करके विकास का नक्शा, नई सड़कें, हाईवे और रास्ते ठीक उन्हीं जमीनों के पास से निकाल दिए गए जो इनके परिवार ने पहले ही खरीद रखी थीं। 2024 और 2025 में मुख्यमंत्री बनने के बाद इस खरीद में बाढ़ आ गई और अकेले इन दो सालों में 137 से ज्यादा प्लॉट और 168 एकड़ ज़मीनें और खरीद ली गईं।यह सीधे तौर पर इनसाइडर ट्रेडिंग, पद का घोर दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। मध्य प्रदेश का बेरोजगार युवा सड़कों पर लाठियां खा रहा है और यहां पूरी सरकार एक परिवार की 'रियल एस्टेट एजेंसी' बनकर काम कर रही है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से इस्तीफे की मांगते हुए कहा है कि यह विकास नहीं, सत्ता की आड़ में किया गया खुला खेल है। मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। मध्य प्रदेश की जनता इस लूट को बर्दाश्त नहीं करेगी।

--आईएएनएस

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