दतिया, 2 जुलाई (आईएएनएस)। चुनाव आयोग ने गुरुवार को मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के लिए 30 जुलाई को उपचुनाव कराने की घोषणा की। इसके बाद, विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अपने विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता को भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से रची गई साजिश करार दिया।
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि दतिया की जनता ने 2023 के विधानसभा चुनावों में भारती को भारी बहुमत से चुना था और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे राज्य में होने वाले उपचुनाव की तैयारी शुरू करें।
सिंघार ने कहा, "दतिया की जनता ने 2023 में राजेंद्र भारती को भारी बहुमत से चुना था। एक साजिश के तहत उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। भाजपा उपचुनाव के जरिए इस सीट पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता एक बार फिर कांग्रेस पर भरोसा जताएगी।"
आयोग के शेड्यूल के मुताबिक, नॉमिनेशन 6 से 13 जुलाई तक स्वीकार किए जाएंगे। 14 जुलाई को स्क्रूटनी होगी, 16 जुलाई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 30 जुलाई को वोटिंग होगी और 3 अगस्त को वोटों की गिनती होगी।
एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 'रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल एक्ट' के तहत भारती को अयोग्य घोषित किए जाने के कारण यह उपचुनाव जरूरी हो गया।
दतिया, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की राजनीतिक रूप से अहम विधानसभा सीटों में से एक है।
2023 के विधानसभा चुनावों में, भारती ने मध्य प्रदेश के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों से हराया था और इस सीट पर भाजपा के दिग्गज नेता का लंबे समय से चला आ रहा दबदबा खत्म कर दिया था।
भाजपा के इस विधानसभा सीट को वापस पाने के लिए जोरदार कोशिश करने की उम्मीद है और ऐसी अटकलें हैं कि मिश्रा एक बार फिर पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं।
वहीं, कांग्रेस इस विधानसभा सीट को अपने पास बनाए रखने और 2023 की चुनावी जीत को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक रूप से अहम ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में होने वाले इस उपचुनाव को दोनों पार्टियों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबले के तौर पर देखा जा रहा है।