नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली दिल्ली सरकार ने राजधानी में नवाचार, शोध और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली स्टार्ट-अप और इन्क्यूबेशन नीति को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी नीति के तहत अगले पांच वर्षों में 400 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को देश के प्रमुख नवाचार और उद्यमिता केंद्रों में शामिल करना है तथा युवाओं को रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति केवल स्टार्ट-अप शुरू करने में सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि छात्रों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, पूर्व छात्रों और युवा उद्यमियों को अपने विचारों को सफल कारोबार में बदलने के लिए संसाधनों, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता की कमी न हो।
नई नीति के तहत पहले चरण में 11 राज्य विश्वविद्यालयों, 13 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और सरकारी स्कूलों में अत्याधुनिक इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
सरकार पात्र संस्थानों को इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा इन केंद्रों को मेंटरिंग, नेटवर्किंग, नवाचार गतिविधियों और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के विकास के लिए वार्षिक संचालन सहायता भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन्क्यूबेशन केंद्रों से जुड़े स्टार्ट-अप्स को उनके विकास के विभिन्न चरणों में लक्ष्य आधारित वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें प्रोटोटाइप निर्माण, कॉन्सेप्ट का परीक्षण, उत्पाद विकास, बाजार में परीक्षण और व्यावसायीकरण जैसे चरण शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में युवा उद्यमियों को आधुनिक बुनियादी ढांचा, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, व्यवसायिक सलाह, बौद्धिक संपदा (आईपी) सहायता, प्रयोगशाला और परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही निवेशकों और उद्योग जगत से जुड़ने के अवसर भी दिए जाएंगे।
नीति के तहत हर वर्ष ‘दिल्ली स्टार्ट-अप यूथ फेस्टिवल’ का आयोजन भी किया जाएगा। यह कार्यक्रम राजधानी में नवाचार और उद्यमिता का प्रमुख मंच बनेगा, जहां युवा नवप्रवर्तक, शैक्षणिक संस्थान, स्टार्ट-अप, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति निर्माता एक साथ आएंगे।
इस मंच पर नए विचारों का प्रदर्शन, साझेदारी के अवसर और युवाओं को अपने उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने का काम किया जाएगा।
नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्टेट इन्क्यूबेशन पॉलिसी मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया जाएगा। इस समिति में सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के प्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति पारदर्शी प्रशासन, प्रभावी कार्यान्वयन और प्रदर्शन आधारित वित्तीय सहायता सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार नवाचार को बढ़ावा देने, युवाओं की उद्यमशील क्षमता को विकसित करने और उनके लिए नए अवसर सृजित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह नीति आत्मनिर्भर, मजबूत और नवाचार आधारित दिल्ली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी तथा राजधानी को देश के अग्रणी स्टार्ट-अप और उद्यमिता केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।