नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने विदेश में रहने वाले गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया और उनसे हथियार, मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद की है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि क्राइम ब्रांच के एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल की एक टीम ने कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 28 साल के जतिन भारद्वाज (उर्फ नन्नू) और सुखविंदर सिंह (उर्फ बग्गा) के तौर पर हुई है। ये दोनों पंजाब के राजपुरा के रहने वाले हैं।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, पिछले दो-तीन महीनों से क्राइम ब्रांच की एआरएससी की एक खास टीम उन मामलों पर लगातार काम कर रही थी, जिनमें भारत के बाहर से काम करने वाले गैंगस्टर व्यापारियों को रंगदारी के लिए कॉल कर रहे थे।
कॉल आने और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने के दावों के बाद, टीम ने बड़े पैमाने पर तकनीकी निगरानी और फील्ड वेरिफिकेशन किया।
वेरिफिकेशन के दौरान, कई संदिग्ध लोगों की पहचान की गई और उनकी जांच-पड़ताल की गई, जिन पर पहले से ही दर्जनों आपराधिक मामले थे। अधिकारियों के मुताबिक, ये लोग विदेश में बैठे गैंगस्टरों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट दे रहे थे और उनके कहने पर आपराधिक गतिविधियों को भी अंजाम दे रहे थे।
जांचकर्ताओं को पता चला कि कुछ लोग जंगी और सिग्नल जैसे एडवांस्ड कम्युनिकेशन ऐप्स के जरिए विदेश में बैठे गैंगस्टर के संपर्क में भी थे।
24 जून को जतिन उर्फ नन्नू की गतिविधियों के बारे में खास जानकारी मिली कि वह राजधानी के रोहिणी इलाके में आने वाला है। जानकारी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, एक गुप्त मुखबिर की सूचना पर इलाके में जाल बिछाया गया।
रात करीब 10:50 बजे संदिग्ध को पकड़ा गया और उसकी पहचान जतिन के तौर पर हुई। उसके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
इसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की गई और आरोपी को क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत गिरफ्तार किया गया।
बाद में, बरामद हथियारों के स्रोत का पता सुखविंदर उर्फ बग्गा के तौर पर चला, जिसे भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर एक देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पहला आरोपी, जतिन भारद्वाज, कथित तौर पर ड्रग्स का आदी है और गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों और उसके साथी सुखविंदर सिंह उर्फ बग्गा के लिए काम करता था। वह पहले भी 2014 से 2025 के बीच चोरी, सेंधमारी, झपटमारी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट आदि के 14 मामलों में शामिल पाया गया था और पंजाब व हरियाणा में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दूसरा आरोपी, सुखविंदर सिंह भी ड्रग्स का आदी है और गोल्डी ढिल्लों का बचपन का दोस्त है। कथित तौर पर उसने ढिल्लों के कहने पर गैंग के सदस्यों को लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और छिपने की जगहें मुहैया कराईं।
जांच से पता चला कि दूसरे आरोपी ने जान-बूझकर इलाके में अपने आपराधिक नेटवर्क का दबदबा और वर्चस्व कायम किया। इसके लिए उसने विरोधी ड्रग सप्लायर्स को डराया-धमकाया और कॉम्पिटिशन खत्म किया। सिंह पहले भी 2016 से 2025 के बीच चोरी, सेंधमारी, झपटमारी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट आदि के सात मामलों में शामिल पाया गया था और पंजाब में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।
इन गिरफ्तारियों के साथ, जांचकर्ताओं ने एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल (.32 बोर), एक देसी पिस्तौल, छह जिंदा कारतूस, एक मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
हाल ही में, चंडीगढ़ में एक मेडिकल स्टोर मैनेजर की हत्या की जांच के दौरान भी गोल्डी ढिल्लों का नाम सामने आया, जिससे गंभीर अपराधों में उसके आपराधिक नेटवर्क की कथित और लगातार संलिप्तता का पता चलता है।
--आईएएनएस
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