नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस के सेंट्रल जिले की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने घोषित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए डकैती, आर्म्स एक्ट और धोखाधड़ी के मामलों में वांछित दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी लंबे समय से अदालत की कार्यवाही से बचकर फरार चल रहे थे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सेंट्रल जिले में घोषित अपराधियों और जिला बदर के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एएसआई मनीष, हेड कांस्टेबल अनुज कुमार और महिला कांस्टेबल हिमांशी की टीम का गठन किया गया। इस टीम ने इंस्पेक्टर राहुल अधिकारी के नेतृत्व और एसीपी पदम सिंह राणा की निगरानी में स्थानीय खुफिया सूचना जुटाई और लगातार मैनुअल सर्विलांस के जरिए दोनों आरोपियों का पता लगाया।
पुलिस को 10 जुलाई को सूचना मिली कि घोषित अपराधी आकाश उर्फ गोलू दिल्ली के केकेडी कोर्ट इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम ने छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच में पता चला कि करीब 30 वर्षीय आकाश उर्फ गोलू, निवासी लोनी, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) को 15 अप्रैल को केकेडी कोर्ट की जेएमएफसी-4 अदालत ने एफआईआर में घोषित अपराधी घोषित किया था। यह मामला करावल नगर थाना में दर्ज भारतीय न्याय संहिता की धारा 392/34 और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27/54 से जुड़ा है। सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, आकाश उर्फ गोलू का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा है। उसके खिलाफ करावल नगर, गीता कॉलोनी और गांधी नगर थानों में डकैती, चोरी, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य गंभीर धाराओं के तहत पांच आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
इसी दिन पुलिस को दूसरी सूचना मिली कि 55 वर्षीय कांति देवी, निवासी सोनिया विहार, दिल्ली, अपने इलाके में मौजूद है। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि 30 मई को तीस हजारी कोर्ट के जेएमएफसी-II की अदालत ने एफआईआर संख्या 75/08 में उसे घोषित अपराधी घोषित किया था। यह मामला कश्मीरी गेट थाना में दर्ज धारा 420, 468 और 471 के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित है। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि घोषित अपराधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य ऐसे फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश करना है ताकि कानून से बचने की कोशिश करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यह जानकारी सेंट्रल जिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रोहित राजबीर सिंह, आईपीएस की ओर से जारी की गई।