नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के युवा मामलों का विभाग 3 जुलाई को डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (अंबेडकर भवन) में उद्योग संघ सम्मेलन का आयोजन करेगा। वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योगपति, कॉर्पोरेट संस्थाएं और विकास भागीदार एक साथ मिलकर 'मेरा युवा भारत (माय भारत) पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से भारत के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए एक सहयोगात्मक कार्ययोजना तैयार करेंगे।
कॉन्क्लेव में केंद्रीय युवा मामले और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे शामिल होंगी। इसके अलावा, युवा मामले विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल, अतिरिक्त सचिव नितेश कुमार मिश्रा, संयुक्त सचिव शिव रतन, 'माय भारत' की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा कई प्रमुख उद्योग संगठनों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के प्रतिनिधि भी इसमें हिस्सा लेंगे।
मंत्रालय के अनुसार, इस कॉन्क्लेव का मकसद सरकार, उद्योग संगठनों, कॉर्पोरेट कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के बीच मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करना है, ताकि युवाओं के कौशल विकास, रोजगार, स्वयंसेवा और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सके। कार्यक्रम में इस बात पर चर्चा होगी कि 'माय भारत' प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं तक इंटर्नशिप, स्किल डेवलपमेंट, वॉलंटियरिंग, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रमों और अन्य विकास योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से कैसे पहुंचाया जाए।
इस सम्मेलन में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), फिक्की, एसोचैम, नैसकॉम, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स, क्रेडाई, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन, इंडिया एसएमई फोरम, कैट और स्कोप सहित कई प्रमुख उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इनके अलावा एसबीआई फाउंडेशन, रिलायंस फाउंडेशन, पेटीएम फाउंडेशन, एचसीएल फाउंडेशन, बिसलेरी फाउंडेशन और प्रथम जैसी प्रमुख सामाजिक संस्थाएं भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगी।
कार्यक्रम के दौरान 'माय भारत' की कार्यप्रणाली और उसके उद्देश्यों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही विभिन्न उद्योग संगठन युवाओं के लिए चल रही और प्रस्तावित पहलों पर अपने विचार साझा करेंगे। सम्मेलन में सीएसआर गतिविधियों, इंटर्नशिप, कौशल विकास और स्वयंसेवा कार्यक्रमों में आपसी सहयोग बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। इसके बाद युवा मामले विभाग की सचिव की अध्यक्षता में सभी हितधारकों के साथ खुली चर्चा आयोजित की जाएगी, जिसमें भविष्य की साझेदारियों का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
मंत्रालय का मानना है कि इस पहल से प्रमुख उद्योग संगठनों और उनके सदस्य संस्थानों को 'माय भारत' प्लेटफॉर्म से जोड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही, युवाओं से जुड़े सीएसआर कार्यक्रमों में बेहतर तालमेल स्थापित होगा और 'माय भारत' को देशभर के युवाओं के लिए अवसरों और सहयोग का एक राष्ट्रीय मंच बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। दिनभर चलने वाले इस सम्मेलन का समापन 'विकसित भारत@2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार और उद्योग जगत के बीच दीर्घकालिक सहयोग की रूपरेखा तैयार करने के साथ होगा।