Corruption Allegations : कालेश्वरम प्रोजेक्ट घोटाले पर सीएम रेवंत रेड्डी सख्त, दोषियों पर कार्रवाई की चेतावनी

कालेश्वरम प्रोजेक्ट घोटाले पर सख्त रुख, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा
कालेश्वरम प्रोजेक्ट घोटाले पर सीएम रेवंत रेड्डी सख्त, दोषियों पर कार्रवाई की चेतावनी

हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को कहा कि कालेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट में हुए कथित बहु-करोड़ के भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

 

 

 

जयशंकर भूपालपल्ली जिले में परियोजना के तहत मेडिगड्डा बैराज का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि यदि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) भ्रष्टाचार के आरोपों से बचने के लिए भाजपा का सहारा लेने की कोशिश करती है, तो सरकार रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ेगी।

 

सीएम ने बताया कि न्यायमूर्ति पी.सी. घोष आयोग अपनी विस्तृत रिपोर्ट पहले ही सौंप चुका है, जिसमें फंड के दुरुपयोग का जिक्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की आशंका के चलते बीआरएस नेता टी. हरीश राव दिल्ली जाकर भाजपा नेताओं से मिले, लेकिन इस पर अब तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

 

रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार की मांग के बावजूद कालेश्वरम प्रोजेक्ट मामले में सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में प्रस्ताव भी केंद्र को भेज चुकी है।

 

मुख्यमंत्री ने पूर्व सीएम और बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर भी कटाक्ष किया और कहा कि जब वह मेडिगड्डा के दौरे पर थे, उसी दिन केसीआर ने जनसभा रखी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की समीक्षा के लिए अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ बैठक पहले से तय थी।

 

रेवंत रेड्डी ने दोहराया कि सरकार कालेश्वरम परियोजना को बंद नहीं करेगी, बल्कि उसकी मरम्मत कराकर पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएगी।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 में मेडिगड्डा बैराज के क्षतिग्रस्त होने के बाद तत्कालीन बीआरएस सरकार ने तथ्यों को छिपाया और चुनावी फायदा लेने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण की प्रारंभिक रिपोर्ट को भी नजरअंदाज किया गया।

 

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केसीआर ने प्रणहिता-चेवेला परियोजना को इसलिए बंद कर दिया क्योंकि इससे उन्हें राजनीतिक या आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा था।

 

--आईएएनएस

 

 

 

 

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