पटना, 17 अगस्त (आईएएनएस)। पटना में सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यालय में 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, कई राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हुए। दलित और महादलित समुदायों के कई लोगों ने भी इसमें हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के बाद, तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार से मांग की कि वह पटना में दशरथ मांझी की मूर्ति लगाए और उनके नाम पर एक आश्रम बनाए।
उन्होंने बिहार में कथित भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। कथित डस्टबिन घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि कई अन्य मामलों में भी गड़बड़ियां सामने आई हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को सत्ता में बैठे लोगों का संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
राजद नेता ने सरकार की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि राज्य को वेतन और पेंशन देने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा, "यह सरकार पूरी तरह कंगाल हो गई है। सरकार न तो वेतन दे पा रही है और न ही पेंशन।"
19 अगस्त को राजभवन मार्च के बारे में तेजस्वी यादव ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन एक खुला मार्च होगा और उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजद छात्रों से जुड़े मुद्दों और हाल ही में हुई एके-47 से जुड़ी घटना को उठाएगी।
उनके अनुसार, राजद नेता और कार्यकर्ता राजभवन तक मार्च करेंगे, राज्यपाल से मिलेंगे और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होने का आग्रह किया।
सिवान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एके-47 से फायरिंग की घटना हुई थी। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर इस घटना का मुद्दा उठाया और बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार को ज्ञापन सौंपकर वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, बिहार पुलिस ने केवल उस कॉन्स्टेबल को सस्पेंड किया जो विरोध प्रदर्शन के दौरान वीडियो में एके-47 से फायरिंग करते हुए दिखाई दिया था।
--आईएएनएस
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