तृणमूल विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में बंगाल विधानसभा में प्रदर्शन किया

तृणमूल विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में बंगाल विधानसभा में प्रदर्शन किया

कोलकाता, 10 अगस्त (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा परिसर में रविवार को उत्तर 24 परगना जिले के हलीशहर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

विधायकों ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के लिए न्याय की मांग की और आज पूरे बंगाल में विरोध रैलियां निकालने का संकल्प लिया। उन्होंने हलीशहर में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता की कस्टडी में हुई मौत को लेकर भी पुलिस की आलोचना की।

विरोध मार्च का नेतृत्व वरिष्ठ नेता सोवनदेब चट्टोपाध्याय, कुणाल घोष, बिमान बनर्जी, नैना बंद्योपाध्याय और अन्य ने किया। विधायकों ने बैनर और पोस्टर भी लिए थे, जिनमें ममता बनर्जी पर हुए हमले की निंदा की गई थी।

हमले के बाद, तृणमूल कांग्रेस के मूल लेकिन अल्पसंख्यक गुट ने आज पूरे राज्य में विरोध रैलियां निकालने का फैसला किया है। विरोध मार्च राज्य के सभी ब्लॉकों में आयोजित किया जाएगा।

पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस कल की घटना पर ध्यान केंद्रित करते हुए पूरे पश्चिम बंगाल में अपने आंदोलन को तेज करने की कोशिश कर रही है।

गौरतलब है कि हलीशहर पुलिस स्टेशन की पुलिस ने कांचरापाड़ा नगरपालिका के वार्ड नंबर 23 की पूर्व तृणमूल कांग्रेस पार्षद के पति बिरजू केओट को रंगदारी समेत कई आरोपों में गिरफ्तार किया था।

उन्हें शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया और जज ने उन्हें पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

हालांकि, शनिवार को पता चला कि बिरजू केओट की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई है। जेनी ने आरोप लगाया कि लॉक-अप के अंदर पुलिस की पिटाई से उनके पति की मौत हुई।

रविवार को तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी कांचरापाड़ा गईं और मृतक तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मुलाकात की। उनके साथ लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी और राज्यसभा सांसद डोला सेन भी थे।

हालांकि, रास्ते में उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि उनकी गाड़ी पर जूते और कीचड़ फेंके गए। ममता ने दावा किया कि इस हरकत के लिए भाजपा समर्थित उपद्रवी जिम्मेदार थे।

गाड़ी पर ईंट-पत्थर भी फेंके गए। ममता ने दावा किया कि अगर खिड़कियां खुली होतीं, तो उनके सिर में चोट लग सकती थी या उनकी जान भी जा सकती थी।

--आईएएनएस

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