तीन दशक पुराना यमुना जल समझौता नई दिशा में, राजस्थान-हरियाणा में बनी सहमति

तीन दशक पुराना यमुना जल समझौता नई दिशा में, राजस्थान-हरियाणा में बनी सहमति

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में पानी के विभिन्न मुद्दों पर बैठक की।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि आज की बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दोनों मौजूद थे। दोनों मुख्यमंत्रियों ने 1994 में हुए समझौते के तहत हरियाणा के अतिरिक्त पानी के मुद्दे पर चर्चा की। आज इस बात पर सहमति बनी कि एक नया समझौता किया जाएगा ताकि यह पक्का किया जा सके कि राजस्थान को उतना पानी मिले जितना उसे मूल रूप से समझौते के तहत आवंटित किया गया था। पानी को पाइपलाइन के जरिए राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा और दोनों राज्य इस व्यवस्था पर सहमत हो गए हैं। उम्मीद है कि अगले सोमवार तक समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे और उसका आदान-प्रदान होगा। आज इस फैसले को अंतिम रूप दे दिया गया है।

सीएम सैनी ने बताया कि बैठक में हरियाणा एवं राजस्थान के मध्य जल वितरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई। हमारा प्रयास है कि संवाद और सहयोग की भावना के साथ जल संसाधनों के न्यायसंगत एवं प्रभावी प्रबंधन की दिशा में सार्थक समाधान सुनिश्चित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के प्रयासों से लगातार बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों का मकसद जल प्रबंधन और यह सुनिश्चित करना है कि पानी हर व्यक्ति तक पहुंचे। लखवार, किशाऊ और रेणुका बांध परियोजनाओं पर सहमति बन गई है। इसके परिणामस्वरूप, इन परियोजनाओं से पानी उपलब्ध होगा और राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इस पानी को राजस्थान तक कैसे पहुंचाया जाए, इस पर चर्चा हो रही है। हाल की चर्चाओं में इस बात पर भी सहमति बनी कि मानसून के दौरान बेकार बह जाने वाले बारिश के पानी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए और उसे इस तरह से निर्देशित किया जाना चाहिए कि राजस्थान को भी लाभ हो।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बैठक में साथ यमुना जल परियोजना को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में एमओए के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई। इस अवसर पर किशाऊ बांध परियोजना से संबंधित विषयों पर भी सार्थक विचार-विमर्श हुआ। पीएम मोदी के मार्गदर्शन, दूरदर्शी नेतृत्व तथा राजस्थान के परिजनों के प्रति उनके विशेष स्नेह के कारण वर्षों पुरानी यह बहुप्रतीक्षित परियोजना अब साकार होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। हमारी सरकार केंद्र एवं हरियाणा सरकार के सहयोग से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। यह परियोजना शेखावटी क्षेत्र को पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ किसानों की सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति भी करेगी तथा क्षेत्र के विकास, समृद्धि एवं खुशहाली को नई गति प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने दशकों से अटके हुए प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश भर में कई पुराने मुद्दों, खासकर राज्यों के बीच पानी के विवादों को सुलझाया जा रहा है। चाहे राजस्थान और मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड, या हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच का मामला हो, लगातार नई योजनाएं बनाई और लागू की जा रही हैं। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्षों से अनसुलझे विवादों को भी सुलझाया जा रहा है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी का धन्यवाद करना चाहता हूं। राजस्थान लंबे समय से यमुना के पानी में अपना हिस्सा मांग रहा था और 1994 में लिए गए मूल फैसले को अब सभी संबंधित अधिकारियों के बीच बातचीत के जरिए आगे बढ़ाया गया है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी