नोएडा, 18 जुलाई (आईएएनएस)। गौतमबुद्ध नगर पुलिस को गैंगस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। सेक्टर-58 थाने की पुलिस ने करीब तीन वर्षों से फरार चल रहे गैंगस्टर एक्ट के वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी वाहन चोरी करने वाले गिरोह का सक्रिय सदस्य है और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई को सेक्टर-58 की पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाया। इस दौरान गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रहे इंसाफ पुत्र खुर्शीद को सूरजपुर घंटा चौक स्थित टेम्पो स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से फरार चल रहा था और लगातार अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान इंसाफ पुत्र खुर्शीद, निवासी गांव लाड़लाका, थाना जुरहरा, जिला ढींग (राजस्थान), उम्र लगभग 27 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह वाहन चोरी करने वाले संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है। यह गिरोह विभिन्न स्थानों से वाहन चोरी कर उन्हें ठिकाने लगाने का काम करता था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इंसाफ का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ थाना फेस-1, गौतमबुद्ध नगर में कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता/भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत चोरी, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक षड्यंत्र और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 2023 में उसके खिलाफ 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पर दर्ज मामलों में वर्ष 2022 और 2023 के दौरान वाहन चोरी के कई मुकदमे शामिल हैं। इसके अलावा एक मामले में उसके खिलाफ धारा 307, 398, 401, 420, 467, 468, 471, 482 तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं में भी कार्रवाई की गई थी। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था, जिसके चलते उसकी तलाश लगातार की जा रही थी।
सेक्टर-58 थाने की पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से वाहन चोरी करने वाले गिरोह की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर उसके अन्य साथियों, चोरी किए गए वाहनों के नेटवर्क और गिरोह के संचालन से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
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