चेन्नई, 4 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु स्कूल शिक्षा विभाग 10 जुलाई को राज्य भर के सरकारी स्कूलों में 'नम्मा स्कूल नम्मा ओरु पल्ली' (हमारा स्कूल, हमारा गांव का स्कूल) योजना के तहत सरकारी शिक्षण संस्थानों के कामकाज और विकास में समुदाय की भागीदारी को मज़बूत करने की एक बड़ी पहल के हिस्से के तौर पर 'स्कूल एंबेसडर' चुनेगा।
विभाग की ओर से जारी नई गाइडलाइंस में स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों को 10 जुलाई को होने वाली बैठकों में एंबेसडर चुनने का निर्देश दिया गया है।
इस पहल का मकसद स्कूलों, पूर्व छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर संबंध बनाना है। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने में लोगों की ज्यादा भागीदारी को बढ़ावा देना है।
चुने गए स्कूल एंबेसडर जुलाई 2026 से जुलाई 2028 तक दो साल के कार्यकाल के लिए काम करेंगे। वे शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और सरकारी स्कूलों के प्रति समुदाय की भागीदारी और अपनापन बढ़ाने के लिए स्कूल प्रशासन, स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों और स्थानीय हितधारकों के साथ मिलकर काम करेंगे।
गाइडलाइंस के अनुसार, एंबेसडर छात्रों के नामांकन (एनरोलमेंट) को बढ़ाने, स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) को कम करने और छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
वे स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर और सीखने की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूर्व छात्रों (एलुमनाई) और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहलों से भी मदद जुटाएंगे।
इसके अलावा, एंबेसडर स्कूलों और उनके पूर्व छात्रों के बीच एक पुल का काम करेंगे। पूर्व छात्रों को मेंटरिंग, करियर गाइडेंस, रिसोर्स जुटाने और वॉलंटरी सपोर्ट के ज़रिए योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। उनसे यह भी उम्मीद की जाती है कि वे स्थानीय संगठनों और समुदाय के सदस्यों के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि स्कूल के विकास कार्यों में लोगों की लगातार भागीदारी बनी रहे।
स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया है कि इस पहल को पूरे तमिलनाडु में पूर्व छात्रों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। 'नम्मा स्कूल नम्मा ओरु पल्ली' पोर्टल पर 26,221 पूर्व छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है और स्कूल एंबेसडर के तौर पर सेवा करने की इच्छा जताई है।
इन रजिस्ट्रेशन में राज्य भर के 8,209 सरकारी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। इस प्रोग्राम को राज्य स्तर पर इस साल जनवरी में चेन्नई के अशोक नगर स्थित सरकारी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में लॉन्च किया गया था। वहां सरकार ने पूर्व छात्रों और स्थानीय लोगों के सक्रिय सहयोग से सरकारी स्कूलों को समुदाय-संचालित संस्थानों में बदलने का अपना विजन पेश किया था।
पारदर्शी और एकसमान चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारियों को जिला स्तर पर इस प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है, जबकि हेडमास्टर अपने-अपने स्कूलों में चयन अधिकारी के तौर पर काम करेंगे।
नियुक्तियों को अंतिम रूप देने से पहले, हर स्कूल प्रबंधन समिति को स्कूल एंबेसडर के चयन को मंजूरी देने वाला एक औपचारिक प्रस्ताव पास करना होगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रक्रिया सभी की भागीदारी वाली, पारदर्शी और समुदाय-केंद्रित बनी रहे।
--आईएएनएस
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