चेन्नई, 14 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत तमिल मानिला कांग्रेस (मूपनार) ने रविवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अलग होने का ऐलान कर दिया। पार्टी ने कहा कि यह फैसला संगठन को मजबूत करने और राज्य में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को विस्तार देने के उद्देश्य से लिया गया है।
पार्टी अध्यक्ष जी.के. वासन ने चेन्नई में कार्यकारिणी की बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा, एआईएडीएमके या एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के साथ किसी भी तरह का वैचारिक मतभेद या राजनीतिक विवाद नहीं है।
वासन ने कहा, "हमारा भाजपा, एआईएडीएमके या गठबंधन के अन्य दलों से कोई मतभेद नहीं है। यह फैसला केवल तमिल मानिला कांग्रेस को एक स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में मजबूत करने के लिए लिया गया है।"
उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना था कि गठबंधन में रहने के कारण संगठनात्मक गतिविधियां और जमीनी स्तर पर काम करने की जिम्मेदारियां सीमित हो जाती हैं। स्वतंत्र रूप से काम करने से पार्टी को कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और पूरे तमिलनाडु में संगठन का विस्तार करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
हालांकि वासन ने यह भी स्वीकार किया कि तमिलनाडु की राजनीति में चुनावी गठबंधनों का अपना महत्व है। उन्होंने कहा, "चुनाव के समय गठबंधन जरूरी होते हैं, लेकिन फिलहाल हमारी प्राथमिकता पार्टी को फिर से मजबूत करना है।"
पूर्व केंद्रीय मंत्री वासन ने यह भी माना कि हाल के वर्षों में जिस गठबंधन का उनकी पार्टी हिस्सा थी, उसे चुनावी सफलता नहीं मिली। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला एनडीए तीसरे स्थान पर रहा, जिसके बाद सहयोगी दलों के बीच आत्ममंथन शुरू हुआ।
वासन ने कहा कि तमिल मानिला कांग्रेस एनडीए छोड़ रही है, लेकिन गठबंधन के सभी सहयोगियों के साथ उसके मैत्रीपूर्ण संबंध बने रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कदम पार्टी को दोबारा राजनीतिक मजबूती दिलाने में मदद करेगा।
गौरतलब है कि वर्ष 1996 में वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी.के. मूपनार ने कांग्रेस से अलग होकर तमिल मानिला कांग्रेस की स्थापना की थी। बाद में उनके निधन के बाद पार्टी में कई राजनीतिक बदलाव हुए और उनके पुत्र जी.के. वासन के नेतृत्व में इसका पुनर्गठन किया गया। हालिया विधानसभा चुनावों के बाद एनडीए छोड़ने वाली यह एआईएडीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन की पहली सहयोगी पार्टी बन गई है।