तमिलनाडु के कृषि बजट पेश करने के दौरान डीएमके विधायकों का काली शर्ट पहनकर विरोध प्रदर्शन

तमिलनाडु के कृषि बजट पेश करने के दौरान डीएमके विधायकों का काली शर्ट पहनकर विरोध प्रदर्शन

चेन्नई, 6 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु के कृषि मंत्री आर. विनोद ने 2026-27 के लिए गुरुवार को राज्य का कृषि बजट पेश किया, तो विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके विधायक काली शर्ट पहनकर तमिलनाडु विधानसभा में शामिल हुए।

मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि काली शर्ट पहनकर किया गया यह विरोध प्रदर्शन, कावेरी के पानी में तमिलनाडु का जायज हिस्सा हासिल करने और कर्नाटक के प्रस्तावित मेकेदातु बांध प्रोजेक्ट का असरदार ढंग से विरोध करने में टीवीके सरकार की नाकामी को उजागर करने के मकसद से किया गया था।

उदयनिधि और डीएमके के दूसरे विधायक काले कपड़े पहनकर सदन में आए और अपनी सीटों पर बैठे रहे, जब विनोद ने कृषि बजट पेश करना शुरू किया। यह मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली 'तमिलगा वेट्री कझगम' सरकार का पहला ऐसा वित्तीय विवरण था।

कावेरी विवाद और मेकेदातु प्रोजेक्ट तमिलनाडु में बड़े राजनीतिक मुद्दे बन गए हैं और डीएमके राज्य के जल अधिकारों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा रही है।

विपक्ष ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वह कर्नाटक से पानी छोड़े जाने को सुनिश्चित करने और प्रस्तावित जलाशय परियोजना को रोकने के लिए पर्याप्त कड़े कदम उठाने में नाकाम रहा है।

आर. विनोद के बजट भाषण शुरू करने के कुछ ही देर बाद कार्यवाही के दौरान थोड़ी बहस हुई। अपनी शुरुआती बातों में कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री विजय और टीवीके सरकार की तारीफ की और फिर सत्ताधारी पार्टी के चुनाव चिह्न 'सीटी' का जिक्र किया।

आर. विनोद ने संगीत की भाषा में सीटी का वर्णन करते हुए कहा कि यह हवा से पैदा होने वाला पहला राग है और उन्होंने इसकी आवाज के लंबे समय तक रहने वाले असर के बारे में भी बात की। उनकी बातों पर डीएमके सदस्यों ने आपत्ति जताई और सवाल किया कि कृषि बजट पेश करते समय इतनी लंबी-चौड़ी राजनीतिक भूमिका की क्या जरूरत थी।

जब आपत्तियां जारी रहीं, तो स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर ने बीच-बचाव किया और मंत्री से कहा कि वे अपनी बात बजट भाषण तक ही सीमित रखें। इसके बाद विनोद ने कृषि क्षेत्र के लिए सरकार के प्रस्ताव पेश किए।

किसान और राजनीतिक पार्टियां कृषि बजट पर बारीकी से नजर रख रही हैं, क्योंकि इसमें फसल ऋण, खरीद मूल्य, सिंचाई, कृषि बुनियादी ढांचे और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के उपायों के बारे में घोषणाएं होने की उम्मीद है।

कार्यवाही के दौरान स्पीकर प्रभाकर ने डेयरी विकास मंत्री विजयलक्ष्मी और पशुपालन मंत्री कमाली का भी अभिवादन किया।

डीएमके के काले शर्ट पहनने के फैसले ने यह पक्का किया कि कावेरी और मेकेदातु विवाद चर्चा के केंद्र में बने रहें, भले ही सरकार अपने पहले अलग कृषि बजट के जरिए खेती-बाड़ी से जुड़ी अपनी प्राथमिकताओं को उजागर करने की कोशिश कर रही थी।

--आईएएनएस

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