चेन्नई, 14 जून (आईएएनएस)। राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद तमिल मनीला कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अलग होने का ऐलान किया है। पार्टी प्रमुख जीके वासन ने कहा कि तमिल मनीला कांग्रेस एनडीए से अलग हो गई है और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पार्टी को मजबूत करने पर काम करेगी।
तमिल मनीला कांग्रेस के अध्यक्ष जीके वासन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद आज हमने तमिल मनिला कांग्रेस की कार्यकारी समिति की बैठक की। बैठक के दौरान हमने चुनाव, अपने गठबंधन सहयोगियों, और चुनाव के बाद की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। विभिन्न पदों पर आसीन लगभग 40 से 45 पार्टी प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव विस्तार से साझा किए।
बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने तमिल मनीला कांग्रेस (मूपनार) को 5 सीटें आवंटित की थी।
समझौते के तहत तमिल मनीला कांग्रेस का ओट्टनचथिरम, ईरोड वेस्ट, रानीपेट, किलियूर और कुंभकोणम सीटों पर चुनाव लड़ना तय हुआ था। खास बात यह रही कि पार्टी ने अपने पारंपरिक ‘साइकिल’ चुनाव चिन्ह के बजाय भाजपा के ‘कमल’ चिन्ह पर चुनाव लड़ा।
हालांकि पार्टी अध्यक्ष केजी वासान ने बताया कि चुनाव आयोग के नियमों के तहत अपने चिन्ह को मंजूरी मिलने में दिक्कतों के कारण यह फैसला लिया गया।
तमिलनाडु में एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए में भाजपा, पट्टाली मक्कल काची (पीएमके), और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) सहित कई क्षेत्रीय दल शामिल थे।
तमिल मनीला कांग्रेस (मूपनार) सभी सीटें हार गईं। विद्याल एस. सेकर (ओड्डनचथिरम), एमकेआर. अशोक कुमार (कुंभकोणम), एम. युवराज (इरोड पश्चिम), वीएम कार्तिकेयन (रानीपेट), और जे. निविन साइमन (किल्लियूर) प्रतियोगिता हार गए। तमिलगा मक्कल मुनेत्र कड़गम नेता बी. जॉन पांडियन की पत्नी प्रिसिला पांडियन, जिन्होंने राजपलायम में भाजपा के प्रतीक पर चुनाव लड़ा था, भी हार गईं।
वहीं, अभिनेता और फिल्म निर्माता राघव लॉरेंस ने राजनीति में कदम रखने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से जनता और अपने प्रशंसकों से इस महत्वपूर्ण फैसले पर अपना समर्थन और आशीर्वाद मांगा है।