हैदराबाद, 13 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सी.वी. आनंद ने एक पुलिस अधिकारी को अपनी नाबालिग पोती को कार चलाने देने के आरोप में निलंबित करने का आदेश दिया है।
डीजीपी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने साइबराबाद पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) को संबंधित अधिकारी को निलंबित करने और इस लापरवाही के मामले में विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
साइबराबाद पुलिस कमिश्नर एम. रमेश ने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी साइबराबाद पुलिस में तैनात नहीं है।
कमिश्नर ने डीजीपी के 'एक्स' पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा, "सर, हम संबंधित अधिकारी को तुरंत निलंबित करने और उसके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए सक्षम प्राधिकारी को रिपोर्ट भेज रहे हैं।"
साइबराबाद पुलिस ने रविवार रात बताया कि पुजारी तिरुपति के खिलाफ एक नाबालिग को कार चलाने देने के लिए मामला दर्ज किया गया है। एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने नरसिंगी पुलिस थाना क्षेत्र की एक व्यस्त सड़क पर अपनी छह साल की नाबालिग पोती को कार चलाने दी।
साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को बताया कि नरसिंगी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की को कार चलाने देने के आरोप में पुजारी तिरुपति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125 और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 व 180 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
शनिवार शाम गंधमगुडा रोड पर एक सब-इंस्पेक्टर अपनी छोटी पोती को कार चलाना सिखाते हुए पाया गया।जब लोगों ने इसका विरोध किया तो बच्ची ने बताया कि उसके दादाजी सब-इंस्पेक्टर (एसआई) हैं। इस पर तिरुपति ने सफाई देते हुए कहा कि कार ऑटोमैटिक थी और पूरे समय वाहन उनके नियंत्रण में था।
लोगों ने उस व्यक्ति से कहा कि पुलिस अधिकारी होने के बावजूद वह नियमों का उल्लंघन कैसे कर सकता है। उन्होंने सलाह दी कि अगर बच्चे को गाड़ी चलाना सिखाना है तो किसी खुले मैदान में सिखाएं और सड़क पर दूसरों की जान खतरे में न डालें।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और लोगों के विरोध के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई।
--आईएएनएस
एसएचके/वीसी






