हैदराबाद, 19 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने तेलंगाना को देश का शिक्षा और खेल केंद्र बनाने का संकल्प लिया है।
सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल और यंग इंडिया स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना शिक्षा में क्रांतिकारी सुधार लाने और भविष्य में ओलंपिक में पदक जीतने के लक्ष्य के तहत की जा रही है।
वह एलबी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के साथ 27.50 लाख छात्रों को यंग इंडिया छात्र किट वितरित करने की शुरुआत की और विभिन्न जिलों में खेल परिसरों की आधारशिला रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का बढ़ता प्रभाव लाखों लोगों को बेरोजगार बना रहा है। इसे देखते हुए सरकार युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चला रही है, ताकि अधिक रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।
उन्होंने बताया कि युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने के लिए अंग्रेजी के साथ जर्मन और जापानी भाषा की शिक्षा भी उपलब्ध कराई जा रही है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर (एटीसी) में बदला गया है और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए एक स्किल यूनिवर्सिटी भी स्थापित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक कल्याण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र डॉक्टर, आईएएस, आईपीएस अधिकारी और राजनीतिक नेता बनें। उन्होंने छात्रों से तेलंगाना के पुनर्निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।
रेवंत रेड्डी ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था की गिरावट के लिए पिछली बीआरएस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में शिक्षा से जुड़े भत्तों और अन्य सुविधाओं में वृद्धि नहीं की गई।
उन्होंने कहा, ''सरकार बनने के तुरंत बाद हमने इन मदों में बढ़ोतरी की। पिछली सरकार के दौरान कई सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए थे, जिन्हें अब फिर से खोला गया है।''
मुख्यमंत्री ने राज्य मंत्रिमंडल में अलग शिक्षा मंत्री नहीं होने को लेकर विपक्ष की आलोचना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और गरीब वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने यह विभाग अपने पास रखा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को पुनर्जीवित कर प्री-प्राइमरी शिक्षा व्यवस्था शुरू की गई है और उन्हें निजी स्कूलों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''आज सरकारी स्कूलों में सीटों की मांग इतनी बढ़ गई है कि कई स्कूलों को ‘नो एडमिशन’ बोर्ड लगाना पड़ रहा है।''
उन्होंने बताया कि राज्य के बजट का 8.5 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित किया गया है, जो इस क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में केवल शिक्षा क्षेत्र पर 26,600 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सरकार शिक्षा पर होने वाले खर्च को भविष्य की पीढ़ियों में निवेश मानती है।
इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने छात्रों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई।
दोनों नेताओं ने राज्य में खेल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 50.73 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की।
जिलों में मिनी स्टेडियमों के निर्माण और खेल सुविधाओं के विकास के लिए 36.65 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
इसके अलावा गाचीबौली और एलबी स्टेडियम में लड़कों और लड़कियों के लिए विभिन्न खेल अकादमियों का उद्घाटन भी किया गया, जिन पर 14.08 करोड़ रुपए की लागत आई है।
--आईएएनएस
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