टीएमसी सांसदों की बगावत पर प्रेम कुमार बोले, ममता बनर्जी की कार्यशैली जिम्मेदार

टीएमसी सांसदों की बगावत पर प्रेम कुमार बोले, ममता बनर्जी की कार्यशैली जिम्मेदार

पटना, 13 जून (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कई अहम मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने और राजनीतिक निर्णय लेने का पूरा अधिकार है।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों के पार्टी नेतृत्व से नाराज होकर अलग रुख अपनाने और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की चर्चाओं पर प्रेम कुमार ने आईएएनएस से कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।

उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से 'जंगलराज' और तानाशाही जैसी स्थिति रही है, जिससे लोग परेशान हैं। उनके अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के कई सांसद और विधायक भी पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी संगठन की बजाय एक व्यक्ति विशेष का शासन दिखाई देता है और इसी कारण नेताओं में नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यदि सांसदों ने अलग रास्ता चुना है तो उसके लिए ममता बनर्जी और पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली जिम्मेदार है।

राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली करने के निर्देश पर प्रेम कुमार ने कहा कि सरकारी आवासों को लेकर नियम और कानून तय हैं और उनका पालन होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और संबंधित पक्षों के बीच संवाद होना चाहिए ताकि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत से निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि उनका और सरकार का मुख्य उद्देश्य बिहार का विकास है, न कि मकान या गाड़ी जैसी सुविधाओं को लेकर राजनीति करना।

राजद नेताओं की सुरक्षा में कटौती के सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। जरूरत के अनुसार सुरक्षा बढ़ाई या घटाई जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा पूरी तरह वापस नहीं ली गई है, बल्कि केवल संख्या में कुछ कमी की गई है। सरकार को पूरे बिहार की सुरक्षा और जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने पड़ते हैं।

18 जून को शपथ लेने वाले नए विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) को लेकर प्रेम कुमार ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी नए सदस्य बिहार के विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को मजबूत करेंगे।

वहीं, केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को एमएलसी नहीं बनाए जाने के सवाल पर प्रेम कुमार ने कहा कि अभी कुछ भी बिगड़ा नहीं है। नियमों के तहत छह महीने का समय होता है और भविष्य में पार्टी नेतृत्व इस विषय पर विचार कर सकता है।

--आईएएनएस

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