कोलकाता, 8 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा नेपाल सीमा के निकट से टीएमसी नेता जहांगीर खान की गिरफ्तारी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है। इस मामले पर भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और जो भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, उसे न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा।
देबजीत सरकार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि जहांगीर खान को कानून के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पिछले वर्षों में सत्ता के संरक्षण में कई लोगों ने मनमानी और अत्याचार किए हैं, जिनकी जवाबदेही तय होनी आवश्यक है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पिछले 15 वर्षों के दौरान जिन लोगों ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया है, उनके कार्यों का पूरा हिसाब-किताब होना चाहिए। भाजपा का मानना है कि कानून का राज स्थापित करने के लिए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद को लेकर टीएमसी के अंदरूनी विवाद के कलकत्ता हाईकोर्ट तक पहुंचने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से टीएमसी का आंतरिक मामला है और भाजपा इसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करना चाहती। पार्टी के भीतर की स्थिति ऐसी है कि उस पर टिप्पणी करना भी उचित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि टीएमसी के अंदर चल रहे विवाद और मतभेद उसकी आंतरिक समस्याओं को उजागर करते हैं, जिनसे भाजपा दूरी बनाए रखना चाहती है।
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर टीएमसी के 25 सांसदों की मौजूदगी और उनके तृणमूल कांग्रेस छोड़ने की अटकलों पर देबजीत सरकार ने कहा, "मैं इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। असल में क्या बातचीत हुई, यह भूपेंद्र यादव और सीएम सुवेंदु अधिकारी को पता है। वही बता सकते हैं कि बैठक में क्या हुआ।"