Phone Tapping Case Telangana : एसआईटी ने तेलंगाना के पूर्व सांसद संतोष राव को किया तलब

फोन टैपिंग केस में एसआईटी ने बीआरएस नेता संतोष राव को पूछताछ के लिए बुलाया
फोन टैपिंग केस: एसआईटी ने तेलंगाना के पूर्व सांसद संतोष राव को किया तलब

हैदराबाद: फोन टैपिंग मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के वरिष्ठ नेता और तेलंगाना के पूर्व सांसद जोगिनपल्ली संतोष राव को पूछताछ के लिए तलब किया है।

एसआईटी ने उन्हें मंगलवार की सुबह 11 बजे सहायक पुलिस आयुक्त पी. वेंकटगिरी के कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया है।

राज्यसभा के पूर्व सदस्य संतोष राव को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि जांच के दौरान इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर के संज्ञान में यह बात आई है कि संतोष राव मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित हैं, इसलिए उनसे पूछताछ जरूरी है।

फोन टैपिंग का यह मामला पिछली बीआरएस सरकार के कार्यकाल से जुड़ा हुआ है, जिसमें कई राजनीतिक विरोधियों, व्यापारियों, पत्रकारों और यहां तक कि न्यायपालिका से जुड़े कुछ लोगों के कथित रूप से फोन टैप किए जाने के आरोप हैं।

जोगिनपल्ली संतोष राव, बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के भतीजे हैं। वह पिछले एक सप्ताह में एसआईटी द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए गए तीसरे ऐसे शीर्ष नेता हैं, जो केसीआर के करीबी रिश्तेदार भी हैं। इससे पहले 23 जनवरी को केसीआर के बेटे और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव से एसआईटी ने सात घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी, जबकि 20 जनवरी को केसीआर के एक अन्य भतीजे और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव से पूछताछ की गई थी।

एसआईटी इससे पहले इस मामले में बीआरएस के एमएलसी के. नवीन राव और पूर्व विधायक जयपाल यादव तथा सी. लिंगैया से भी पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा, जांच के तहत केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार, भाजपा सांसद ईटाला राजेंदर और एम. रघुनंदन राव, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भाई कॉडल रेड्डी से भी गवाह या पीड़ित के रूप में बयान दर्ज किए गए हैं।

फोन टैपिंग का यह मामला मार्च 2024 में सामने आया था। इस संबंध में हैदराबाद के पंजागुट्टा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।

जांच में आरोप है कि बीआरएस शासनकाल के दौरान विशेष खुफिया ब्यूरो (एसआईबी) में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसका उद्देश्य चुनिंदा व्यक्तियों के फोन टैप करना था। इस मामले में पूर्व एसआईबी प्रमुख टी. प्रभाकर राव को मुख्य आरोपी बनाया गया है। उनके अलावा पुलिस उपाधीक्षक डी. प्रणीत राव, अतिरिक्त एसपी तिरुपथन्ना और एन. भुजंगा राव, पूर्व डीसीपी राधा किशन राव और एक टेलीविजन चैनल के मालिक श्रवण कुमार भी अन्य आरोपियों में शामिल हैं।

--आईएएनएस

 

 

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