शिलांग, 21 अगस्त (आईएएनएस)। शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की रैली के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए संगठन के तीन वरिष्ठ नेताओं को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मेघालय की राजधानी से गारो हिल्स की अलग-अलग जेलों में भेजा जाएगा।
केएसयू के वाइस-प्रेसिडेंट पिनकमेनलांग सैनमीट और जनरल सेक्रेटरी रूबेन नजीयार को तुरा ले जाए जाने की उम्मीद है जबकि प्रेसिडेंट रेमंड खार्जाना को विलियमनगर भेजा जाएगा। इन तीनों नेताओं को गुरुवार को शिलांग की डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट में पेश किया गया।
केएसयू की बाइक रैली के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कानून-व्यवस्था की तनावपूर्ण स्थिति के बीच गृह मंत्रालय ने मेघालय में तैनाती के लिए अतिरिक्त केंद्रीय बलों को मंजूरी दे दी है।
सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स की चार कंपनियों और रैपिड एक्शन फोर्स की एक कंपनी को 25 अगस्त तक के लिए मंजूरी दी गई है।
शिलॉन्ग में कई जगहों पर पांच सूत्रीय मांगों को लेकर किया गया विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद बुधवार शाम नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
केएसएयू ने मेघालय सरकार को दी गई 15 दिन की समय-सीमा खत्म होने के बाद रैली शुरू करने से पहले 17 और 18 अगस्त को जनसभाएं की थीं। उनकी मांगों में ईस्ट जयंतिया हिल्स में श्री सीमेंट प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित जनसुनवाई पर कार्रवाई, मेघालय लोक सेवा आयोग और जिला चयन समितियों के ज़रिए भर्ती में सुधार, मेघालय निवासी सुरक्षा और संरक्षा अधिनियम (एमआरएसएसए) को सख्ती से लागू करना, एनईआईजीआरआईएचएमएस में भर्ती में सुधार और प्रवासी मज़दूरों से जुड़े संशोधन शामिल थे।
संगठन ने श्री सीमेंट प्रोजेक्ट के लिए 31 जुलाई को हुई जनसुनवाई से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की थी और एंट्री-पॉइंट चेकिंग सेंटर्स के जरिए एमआरएसएसए को सख्ती से लागू करने की मांग की थी।
इसके बाद विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गया। शिलांग के अलग-अलग हिस्सों से पत्थरबाजी, झड़प और गाड़ियों पर हमले की खबरें आईं। सरकारी गाड़ियों, सार्वजनिक संपत्ति और मेघालय के बाहर रजिस्टर्ड गाड़ियों को निशाना बनाया गया।
गृह (पुलिस) विभाग के प्रभारी डिप्टी सीएम प्रेस्टोन टिनसोंग ने आरोप लगाया कि नकाबपोश प्रदर्शनकारी टकराव के लिए तैयार लग रहे थे और उन्होंने सरकारी व सार्वजनिक गाड़ियों पर हमला किया।
पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में 15 एफआईआर दर्ज की हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 16 लोग घायल हुए, जबकि कम से कम 31 गाड़ियों में तोड़-फोड़ की गई और दो गाड़ियों में आग लगा दी गई। इन घटनाओं में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।
केएसयू के तीन नेताओं को दूसरी जगह ले जाने और उनकी न्यायिक हिरासत ने छात्र संगठन और राज्य सरकार के बीच तनाव और बढ़ा दिया है, जबकि अधिकारी हालात सामान्य करने और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिशें तेज कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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