प्रयागराज: शीतला अष्टमी के पावन अवसर पर प्रयागराज के मां कल्याणी देवी मंदिर में शनिवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। यह व्रत मां शीतला को समर्पित है, जिसे संतान के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन भक्त मां शीतला की पूजा करते हैं और बासी भोजन का भोग लगाते हैं, जिस कारण इसे ‘बसौड़ा’ भी कहा जाता है।
मां कल्याणी देवी मंदिर में सुबह से ही महिलाएं मां की पूजा-अर्चना करने पहुंचीं। मंदिर के अध्यक्ष पंडित सुशील कुमार पाठक ने बताया कि यह मंदिर पुराणों में वर्णित प्राचीन शक्तिपीठ है और शीतला अष्टमी का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा, “श्रावण मास की अष्टमी को शीतला अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और बासी पूड़ी, हलवा, चना, गुलगुला, बताशा का मां को भोग लगाती हैं। सुबह से ही भक्त मां कल्याणी के दर्शन-पूजन के लिए आ रहे हैं। शाम को मां का भव्य श्रृंगार होगा।”






