नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष और नेता वसुंधरा राजे के साथ भाजपा मुख्यालय में भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए नितिन नवीन ने कहा, "मैं श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके 73वें बलिदान दिवस पर सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे एक प्रखर राष्ट्रवादी, महान विचारक और देश के पहले उद्योग मंत्री थे। उन्होंने जो सपना देखा था और जो बलिदान दिया था, वह बलिदान अब हमारे सामने साकार हो रहा है। मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाना श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि है। मैं मानता हूं कि पश्चिम बंगाल, असम और पंजाब की सीमाओं की रक्षा के लिए श्यामा प्रसाद ने संघर्ष किया और बलिदान दिया था। आज श्यामा प्रसाद के जन्मस्थान पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार है, जो उनके दिखाए गए मार्गों पर चल रही है और सीमाओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
नितिन नवीन ने कहा, "श्यामा प्रसाद ने 1951 में जिस सोच और भावना से जनसंघ की स्थापना की थी कि एक राष्ट्रवादी सोच का नेतृत्व बने, आज कह सकते हैं कि भाजपा के 14 करोड़ से अधिक कार्यकर्ता उस सोच पर खरा उतरते हुए भारत को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जो सपना भारत के लिए देखा था, उसको पूरा करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।"
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक्स पर लिखा, "भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और माँ भारती की अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे', का उनका संकल्प केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता का अटल संकल्प था। जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए उनका संघर्ष और बलिदान भारतीय इतिहास में अमिट रूप से अंकित है।"
नितिन नवीन ने कहा, "डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी विचारधारा को एक सशक्त दिशा दी और अपने विचारों, साहस एवं त्याग से राष्ट्र प्रथम की भावना को जन-जन तक पहुंचाया। उनका जीवन और बलिदान हमें सदैव यह प्रेरणा देता रहेगा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और भारत की एकता, अखंडता एवं स्वाभिमान के लिए हर संभव प्रयास करना ही उनके जीवन को सच्ची श्रद्धांजलि है।"
--आईएएनएस
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