पटना, 8 जून (आईएएनएस)। बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए राजद द्वारा सुनील सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद जहां राजद में ही असंतोष के स्वर उभरने लगे हैं, वहीं विरोधी अब इसे हवा देने मे लगे हैं।
राजद नेता और पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम के राष्ट्रीय जनता दल के अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि राजद वालों के लिए यह कोई नई बात नहीं है।
केंद्रीय मंत्री मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शिवचंद्र राम को भाई बताते हुए लिखा, "राजद वालों ने जो शिवचंद्र राम के साथ किया वह कोई नया नहीं है। जहां मोटा माल मिला, इनकी गाड़ी वहीं रुक जाती है, और हमारे समाज के लोगों के पास इतना माल कहां है कि वह इन्हें खुश कर पाएं?"
उन्होंने आगे कहा कि वैसे हमने तो पहले ही कहा था कि एससी, एसटी के पर्चा वाली जमीन पर सबसे ज्यादा अवैध कब्जा राजद वालों ने ही किया हुआ है। जो गरीबों की जमीन तक को नहीं छोड़ें, ऐसे लोगों से किसी भी चीज की उम्मीद करनी बेमानी है। उन्होंने भरोसा देते हुए यह भी कहा कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा शिवचंद्र राम के साथ है।
बता दें कि राजद की ओर से सुनील सिंह को एक बार फिर से एमएलसी चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर पार्टी में असंतोष साफ दिखने लगा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने इस निर्णय को लेकर जहां मोर्चा खोल दिया है, वहीं पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने राष्ट्रीय जनता दल के अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।
पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव को भेजे गए दो पन्ने के इस त्याग पत्र में राजद नेता शिवचंद्र राम ने बिहार विधान परिषद की रिक्त सीट को लेकर दलित समाज और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है। शिवचंद्र राम ने लिखा है कि विधान परिषद सीट को लेकर दलित, रविदास समाज और हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं में उम्मीद थी, लेकिन हाल की घटनाओं से समाज में निराशा और पीड़ा बढ़ी है।
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