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शशि थरूर ने चिदंबरम के ब्रिक्स वाले बयान से असहमति जताई, तो एनडीए ने 'नाराज फूफा' बताया

शशि थरूर एवं चिदंबरम के बयान से उभरा कांग्रेस का दोहरा रवैया
कांग्रेस में आपसी कलह

नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिक्स समिट को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर का सीनियर नेता पी. चिदंबरम के पहले के बयानों से अलग राय रखना, पार्टी के अंदर चल रही आपसी कलह को उजागर करता है।

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने ब्रिक्स पर सवाल उठाकर विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस समूह की हालिया बैठकों से कोई खास नतीजा निकलता नहीं दिखा।

हालांकि, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ब्रिक्स समिट की अहमियत का बचाव करते हुए कहा कि यह समूह 'ग्लोबल साउथ' के लिए जरूरी मंच देता है और भारत की कूटनीतिक क्षमता को दिखाता है।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि एक ही पार्टी के दो लोग एक-दूसरे के उलट बयान दे रहे हैं। शशि थरूर का यह कहना बिल्कुल सही था कि ब्रिक्स ग्लोबल मंच देता है, जहां हम अलग-अलग देशों के साथ अपने आपसी संबंध, चाहे वे आर्थिक हों, सामाजिक हों या रणनीतिक, मजबूत कर सकते हैं।

खंडेलवाल ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान चिदंबरम ऐसे सम्मेलनों की अहमियत समझते थे, लेकिन आज, विपक्ष में होने के कारण, वे उन पर सवाल उठा रहे हैं। इससे देश के सामने उनका दोहरा रवैया साफ जाहिर होता है।

शिवसेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अंदर तनाव काफी बढ़ गया है, क्योंकि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने गलत बयान दिया कि ब्रिक्स से कोई फायदा नहीं है, और इस तरह भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। वहीं, उनकी पार्टी के साथी सांसद शशि थरूर ने कहा कि ब्रिक्स भारत के लिए बहुत फायदों वाला एक कीमती मंच है।

भाजपा नेता आरपी सिंह ने पी. चिदंबरम की तुलना 'नाराज फूफा' से की। उन्होंने कहा कि पी. चिदंबरम को हर चीज में कमियां निकालनी होती हैं।

वहीं, शिवसेना-यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। किसी भी हाल में, ब्रिक्स समिट भारत के लिए फायदेमंद ही होगा।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम