शास्त्री नगर विवाद पर बोले भाजपा विधायक गोपाल शर्मा, मराठी भाषा को मान्यता देने का किया स्वागत

शास्त्री नगर विवाद पर बोले भाजपा विधायक गोपाल शर्मा, मराठी भाषा को मान्यता देने का किया स्वागत

जयपुर, 16 जुलाई (आईएएनएस)। जयपुर के शास्त्री नगर क्षेत्र में हुए विवाद, राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान और मराठी भाषा को मान्यता देने के मुद्दे पर भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शास्त्री नगर की घटना में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही, डोटासरा पर राजनीतिक कारणों से सरकार को घेरने का आरोप लगाया और देश की प्रमुख भाषाओं को सभी राज्यों में पढ़ाए जाने का समर्थन किया।

गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए गोपाल शर्मा ने कहा कि आयोगों का उद्देश्य सरकार के कार्यों में सहयोग करना होता है। जिन आयोगों की तत्काल आवश्यकता होती है, सरकार उन्हें समय पर गठित कर देती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वित्त आयोग सहित कई आयोग अपना कार्य सुचारू रूप से कर रहे हैं, जबकि कुछ आयोगों में नियुक्तियों को लेकर विचार-विमर्श चलता रहता है, क्योंकि उनके सदस्यों का कार्यकाल निर्धारित होता है और कार्यकाल पूरा होने से पहले उन्हें बदला नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार, आयोगों में नियुक्तियों को लेकर प्रक्रिया जारी है। डोटासरा की चिंता पर टिप्पणी करते हुए गोपाल शर्मा ने कहा कि जब भी कांग्रेस के भीतर राजनीतिक परिस्थितियां बदलती हैं, तब वह सत्ता पक्ष को निशाना बनाने लगते हैं। कांग्रेस में प्रदेश नेतृत्व को लेकर चर्चाएं चल रही हैं और इसी कारण डोटासरा अधिक सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।

भाजपा विधायक ने कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा एक वरिष्ठ और जनाधार वाले नेता हैं, लेकिन उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पाया, जिसके वे हकदार हैं। इसके लिए उन्होंने डोटासरा की कार्यशैली को भी जिम्मेदार बताया। कई बार वे आवेश में ऐसी बातें कह देते हैं, जिनसे उनकी राजनीतिक छवि प्रभावित होती है। कांग्रेस देशभर में कमजोर हुई है और राजस्थान में भी उसे नुकसान उठाना पड़ा है, हालांकि वह अब भी राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद की गरिमा बनाए रखना भी आवश्यक है। विधानसभा में डोटासरा उनसे वरिष्ठ हैं और भारतीय संस्कृति के अनुसार वे उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दलों के वरिष्ठ नेता अंततः राजस्थान के हित में काम करेंगे।

मराठी भाषा को मान्यता देने को गोपाल शर्मा ने एक सकारात्मक पहल बताते हुए स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश के बड़े राज्यों की भाषाओं को अन्य राज्यों में भी पढ़ाया जाना चाहिए। आज विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के लोग रहते हैं और वे चाहते हैं कि उनके बच्चों को अपनी मातृभाषा में भी शिक्षा का अवसर मिले। इससे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समन्वय को मजबूती मिलेगी।

जयपुर के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र की सुभाष कॉलोनी में हुए विवाद पर बोलते हुए गोपाल शर्मा ने कहा कि उन्हें रात करीब पौने दस बजे सूचना मिली कि एक मकान से लोगों पर हमला और पथराव किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में महिलाओं पर भी हमला हुआ और कई लोग घायल हुए। घटना की सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुंचे, तब तक कथित हमलावर वहां से फरार हो चुके थे। मौके पर पुलिस बल तैनात था और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल बनता है।

गोपाल शर्मा ने कहा कि उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से मांग की कि जिन लोगों की संलिप्तता सामने आई है और जिनके घरों से पथराव के सबूत मिले हैं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। पुलिस ने मौके पर कार्रवाई की और आश्वासन दिया कि नामजद अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन के अनुरोध पर उन्होंने वहां मौजूद लोगों से शांति बनाए रखने और अपने-अपने घर लौटने की अपील की, जिसके बाद लोगों ने प्रशासन का सहयोग किया।

--आईएएनएस

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